प्रदोष व्रत कथा
प्रदोष का अर्थ है — संध्या और रात्रि का संधिकाल, अर्थात् सूर्यास्त के ठीक बाद का समय। प्रत…
Vrat Kathaभक्ति कहानियाँ — देवी-देवता, बच्चों की कहानी, मंदिर, व्रत कथा और संत-महात्मा।
🔗 प्रदोष का अर्थ है — संध्या और रात्रि का संधिकाल, अर्थात् सूर्यास्त के ठीक बाद का समय। प्रत…
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🔗 सप्ताह के सातों दिन किसी न किसी देवता को समर्पित हैं। सोमवार भगवान शिव का दिन माना जाता है…
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🔗 १. महाशिवरात्रि क्या है वर्ष के प्रत्येक मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को शिवरात्रि कहा ज…
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🔗 १. एक निर्धन आश्रम प्राचीन काल में व्याघ्रपाद नामक एक ऋषि थे। वे तपस्वी थे, ज्ञानी थे, परन…
Devi-Devta
🔗 १. प्रजापति दक्ष और उनकी सत्ताईस कन्याएँ प्रजापति दक्ष की अनेक कन्याएँ थीं। उनमें से सत्ता…
Devi-Devta
🔗 भूमिका भगवान शिव को संहारकर्ता कहा जाता है, परन्तु उनका संहार कभी क्रोध से नहीं, सदा धर्म …
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🔗 महाशिवरात्रि के व्रत में जो कथा सबसे अधिक सुनाई जाती है, वह किसी ऋषि या राजा की नहीं है। व…
Vrat Katha
🔗 अब तक हमने देवताओं, ऋषियों और राजाओं की कथाएँ सुनीं। यह कथा उनसे भिन्न है। यह एक ऐसे व्यक्…
Saints & Mahatma
🔗 १. एक असुर की महत्वाकांक्षा प्राचीन काल में भस्मासुर नामक एक असुर था। कुछ पाठों में उसे वृ…
Devi-Devta
🔗 १. रावण — एक भिन्न परिचय रावण को हम प्रायः केवल "राक्षसराज" के रूप में जानते हैं। परन्तु उ…
Devi-Devta
🔗 प्राचीन काल में मृकण्डु नामक एक महान ऋषि थे। उनकी पत्नी का नाम मरुद्वती था। दोनों तपस्वी औ…
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🔗 कैलाश पर शिव-परिवार पूर्ण था। भगवान शिव, माता पार्वती और उनके दो पुत्र वहाँ निवास करते थे।…
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