Chetavni Bhajan

Lavo Le Lo Re Bhagti Ro

लावो ले लो रे भगती रो

👁 2 views
▶ यहीं चलाएँ · Play here
Text size:
लावो ले लो रे भगती रो, अवसर मिळे न बारम्बार ॥ टेक ॥ पेली सायन ने याद कर लो, दूजो पर उपकार। तीजो देणो दान को रे, चौथो मन को मार ॥1॥ काम क्रोध ने मार हटावो, दुर्मति दूरी राळ। आशा तृष्णा छोड़ के रे, सिद्ध भगती में लाग ॥2॥ ओ संसार हाट वाळो मेळो, बिछड़ जाई नर नार। दो दिनां रे बीच में रे, जीती बाजी मत हार ॥3॥ सायन कबीर गुरु पूरा मिलिया, शब्द दियो टकार। धरमीदास कहे झेल सको तो, हो जाई भवजळ पार ॥4॥

✍️ रचयिता: कबीर दास

Related Bhajans