Chetavni Bhajan

Beera Re Mat Deejo Mavadli Ne Dosh

बीरा रे मत दीजो मावडली ने दोष

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बीरा रे मत दीजो मावडली ने दोष, कर्मा री रेखा न्यारी न्यारी ॥ टेक ॥ ओ भई रे एक पित रे पुत्र चार, चारों री करणी न्यारी न्यारी, ओ भई रे पहलो राजा रे दरबार, दूजोडो हिरा पारखी, ए भई रे तीजो बंजारा रे हाथ, चौथोडो फिररे पोलिया, ओ भई रे बींरा रे मत दीजो, मावडली ने दोष, कर्मा री रेखा न्यारी न्यारी ॥1॥ ओ भई रे एक गौ रे बछडा चार, चारों री करणी न्यारी न्यारी, ओ भई रे एक सूरज जी रो सांड, दूजोडो शिव रो नान्दीयो, ओ भई रे तीजो घाणी वालो बेल, चौथोडो बिन्जारो नाथीयो, ओ भई रे बींरा रे मत दीजो, मावडली ने दोष, कर्मा री रेखा न्यारी न्यारी ॥2॥ ओ भई रे एक माटी रा बर्तन चार, चारों री करणी न्यारी न्यारी, ओ भई रे पहलो मे दहीडो भीलय, मसाना दूजो चालीयो, ए भई रे तीजो पिनीहारा रे बीच, चौथोडो हरदम बाजडू, ओ भई रे बींरा रे मत दीजो, मावडली ने दोष, कर्मा री रेखा न्यारी न्यारी ॥3॥ ओ भई रे एक बेल रे तोम्बा चार, चारों री करणी न्यारी न्यारी, ओ भई रे पहलो तो सतगुरु जी रे हाथ, दूजो जल जमना गयो, ओ भई रे तीजो तम्बुरा रा बीण, चौथोडो भिक्षा मांग रयो, ओ भई रे कह गया दास कबीर, कर्मों रा भारा न्यारा न्यारा, ओ भई रे बींरा रे मत दीजो, मावडली ने दोष, कर्मा री रेखा न्यारी न्यारी ॥4॥

✍️ रचयिता: दास कबीर

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