Chetavni Bhajan

Sun Sun Re Mari Kaya

सुन सुन रे मारी काया

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सुन सुन रे मारी काया ये रंगीली, कुसंगत में जावे मत ना, आत्मा के दाग लगावे मत ना ॥ टेक ॥ रामजी बनायो थाने सोना बरणी, सोना को पीतल बनावे मत ना, आत्मा के दाग लगावे मत ना ॥1॥ रामजी बनायो थाने हीरा बरणी, हीरा को काकरो बनावे मत ना, आत्मा के दाग लगावे मत ना ॥2॥ रामजी बनायो थाने कोयल बरणी, कोयल को कागली बनावे मत ना, आत्मा के दाग लगावे मत ना ॥3॥

✍️ रचयिता: पारम्परिक

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