Sada Sada Na Rahe Dushmani
सदा-सदा ना रहे दुश्मनी
📥 Bhajan Poster
Add to list
Loading…
▶
यहीं चलाएँ · Play here
Text size:
सदा-सदा ना रहे दुश्मनी, सदा रहे ना यारी।
समय एक सा रहे नहीं लगे, सुख दुख बारी-बारी ॥ टेक ॥
पगड़ी पलट हुये यारों को भी, खूब झगड़ते देखा है।
पीढ़ियों के दुश्मन को भी यार बनते देखा है।
माँ के जाये भाइयों में भी खार पड़ते देखा है।
कभी रहे ना पास उन्हें भी खास बनते देखा है।
बनती कभी बिगड़ते देखी लोगों रिश्तेदारी ॥1॥
तन का कपड़ा होय पुराना, तार दिया जाता है।
पेड़ का पत्ता सूखे एक दिन छोड़ चला जाता है।
सर्प कांचली तार छोड़ के, दूर चला जाता है।
उँगली पकड़ चलने वाला भी लात मार जाता है।
परिवर्तन है नेम जगत, ना रहती चीज उधारी ॥2॥
कल तक थे राजा उनको अब भीख मांगते देखा है।
झोपड़ी थी जिनके उन्हें, महलों में रहते देखा है।
अपने मतलब दुश्मन को भी यार कहते देखा है।
जिनपे नही भरोसा उनको पार करते देखा है।
किसपे करे, विश्वास यार ने यार की गर्दन तारी ॥3॥
कोई किसी का मित्र नहीं ना दुश्मन कोई रहता है।
दुश्मन यार बदलते रहते, घाव समय ही भरता है।
इतना प्रेम बढ़ाना मत जिसे खोने पे दुख सहता है।
नफरत इतनी मत करना की मिलन से डर लगता है।
अशोक पंछी लिखे रोज बाते समझन की सारी ॥4॥
✍️ रचयिता: अशोक पंछी
गलती / शिकायत बताएं
क्या ठीक नहीं है? चुनें — admin जल्दी सुधार देगा।
🙏 धन्यवाद! आपकी शिकायत admin तक पहुँच गई।