Chetavni Bhajan

O Santon Swarga Su Aayo Re Sandesh

ओ सन्तों स्वर्गा सूं आयो रे संदेश

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यो मेळो संसार को, अठे आवन जावण री रीत। ऐसी करणी कर चलो, थारा दुनियां गावे गीत ॥ दोहा ओ सन्तों स्वर्गा सूं आयो रे संदेश, बुलावो आयो राम रो ॥ टेक ॥ एक मिनट प्रभु म्हाने द्यो, करां बेटा से बात। डिबले माँहि गेहणा राखां, आपस में लेवो जी थे बाँट, बुलावो आयो राम रो। ओ सन्तों स्वर्गा सूं आयो रे संदेश, बुलावो आयो राम रो ॥1॥ एक मिनट प्रभु म्हाने द्यो, करां बहुआं से बात। म्हें तो घर ने बांध के राख्यौ, थे अब संभाळो परिवार, बुलावो आयो राम रो। ओ सन्तों स्वर्गा सूं आयो रे संदेश, बुलावो आयो राम रो ॥2॥ एक मिनट प्रभु म्हाने द्यो, करां बेटी से बात। मायरे की मन में रहगी, बीरा भरेगा थारा भात, बुलावो आयो राम रो। ओ सन्तों स्वर्गा सूं आयो रे संदेश, बुलावो आयो राम रो ॥3॥ एक मिनट प्रभु म्हाने द्यो, करां पोता से बात। दादीजी तो सुरगां चाली, कुण करेगो थारे लाड, बुलावो आयो राम रो। ओ सन्तों स्वर्गा सूं आयो रे संदेश, बुलावो आयो राम रो ॥4॥ एक मिनट प्रभु म्हाने द्यो, करां पति से बात। रोळी मोळी चावल लेकर, मोत्यां से भर द्यो मांग, बुलावो आयो राम रो। ओ सन्तों स्वर्गा सूं आयो रे संदेश, बुलावो आयो राम रो ॥5॥

इस भजन के बारे में

यह भजन जीवन की नश्वरता और प्रभु के बुलावों का एक मार्मिक चित्रण है। इसमें एक आत्मा की व्यथा को दर्शाया गया है, जिसे अचानक प्रभु का संदेश मिलता है कि अब संसार छोड़कर जाने का समय हो गया है। भजन में भक्त प्रभु से कुछ पल मांगता है ताकि वह अपने परिवार—बेटों, बहुओं, बेटियों और पोतों से अंतिम विदा ले सके और अपनी सांसारिक जिम्मेदारियों को सौंप सके। यह हमें याद दिलाता है कि यह संसार एक मेला है, जहाँ आना-जाना लगा रहता है, इसलिए हमें अपने कर्म ऐसे करने चाहिए कि दुनिया हमें याद रखे। यह भजन मुख्य रूप से वैराग्य और प्रभु-स्मरण की भावना को जगाने वाला है। भक्त इसे अक्सर सत्संग, शोक सभाओं या आत्म-चिंतन के समय गाते हैं ताकि मन में मोह का त्याग हो और ईश्वर के प्रति समर्पण बढ़े। इसे सुनकर मन में यह भाव जागृत होता है कि सांसारिक मोह-माया क्षणिक है और अंत में केवल प्रभु का नाम ही साथ जाता है। यह भजन हमें जीवन के अंतिम सत्य के लिए तैयार रहने और हर पल प्रभु की भक्ति में लीन रहने की प्रेरणा देता है।

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