Jagat Mein Sab Matlab Ke Yaar
जगत में सब मतलब के यार
📥 Bhajan Poster
Add to list
Loading…
▶
यहीं चलाएँ · Play here
Text size:
जगत में सब मतलब के यार,
जिसके पास रहे धन-दौलत, उसके मित्र हजार ॥ दोहा ॥
जगत में सब मतलब के यार,
जिसके पास रहे धन-दौलत, उसके मित्र हजार ॥ टेक ॥
कोई किसी का नहीं जगत में, ये वेदों का सार,
अंत समय में साथ न देंगे, कोठी बंगला कार ॥1॥
चार दिनों के खातिर हमको, जीवन मिला उधार,
लूट-पाट कर जोड़ रहे सब, माया अपरम्पार ॥2॥
माता-पिता, बहन और भाई, करते दुर्व्यवहार,
स्वार्थ सिद्धि में लगा हुआ है, ये सारा संसार ॥3॥
प्राण-पुण्य में नहीं कोई भी, होता साझेदार,
अंत समय में रूठ न जाए, अपना पालनहार ॥4॥
✍️ रचयिता: अज्ञात
गलती / शिकायत बताएं
क्या ठीक नहीं है? चुनें — admin जल्दी सुधार देगा।
🙏 धन्यवाद! आपकी शिकायत admin तक पहुँच गई।