Nirgun / Satsang

Hui Safal Kamai Maharaj Bharthari

हुई सफल कमाई महाराज भरथरी

👁 1 views
▶ यहीं चलाएँ · Play here
Text size:
हुई सफल कमाई महाराज, भरथरी थारी। मालिक रे कारण जोग फकीरी धारी, ईश्वर रे कारण जोग फकीरी धारी ॥ टेक ॥ राजा सूतो महल रे माँय, तृष्णा जागी। ज्यां ने मिल गया गोरख नाथ, भरमना भागी ॥1॥ राजा गयो जंगल रे माँय, दे रयो हेला। ज्यां ने मिल गया गोरख नाथ, मूड लिया चेला ॥2॥ राजा जावो शहर रे माँय, दे आवो फेरी। पिंगळा ने कहिजो मात, करो मत देरी ॥3॥ राजा गयो महल रे माँय, दे रयो फेरी। भिक्षा घालो पिंगळा मात, मत करो देरी ॥4॥ राणी खड़ी महल रे माँय, लटिया तोड़े। राजा एक दिन पकड्यो हाथ, प्रीत काँई तोड़े ॥5॥ राणी खड़ी ड्योढ़ी के बीच, कलप रही काया। थारा मरजो गोरख नाथ, राज छुड़वाया ॥6॥ राणी मत दे गुरुने गाळ, करम रेखा न्यारी। म्हारे लिखिया विधाता लेख, टरे नहीं टारी ॥7॥ एक सोहन शिखर रे बीच, सांकड़ी सेरी। ए गावे जरणानाथ, भजन रा लहरी ॥8॥

✍️ रचयिता: जरणानाथ

Related Bhajans