Chausath Jogani O Devi Re
चौसठ जोगणी ओ देवी रे
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✍️ रचयिता: सियाराम
इस भजन के बारे में
यह भजन माँ जगदम्बा की महिमा को समर्पित है, जो विभिन्न रूपों में समस्त ब्रह्मांड का संचालन करती हैं। इस भजन का भाव यह है कि माँ भवानी ही ब्रह्मा, विष्णु, शिव और शक्ति के रूप में विराजमान हैं। वे कभी हंस पर सवार होकर ज्ञान देती हैं, तो कभी गरुड़ पर बैठकर दुष्टों का संहार करती हैं, और कभी बैल पर सवार होकर शिव स्वरूप में कल्याण करती हैं। 'चौसठ जोगणी' के माध्यम से माँ की अनंत शक्तियों का आह्वान किया गया है, जो भक्तों के सभी बिगड़े काम बनाने वाली और जीवन में मंगल करने वाली हैं।
भक्त इस भजन को विशेष रूप से नवरात्रि, देवी जागरण या माता के मंदिरों में बड़े उत्साह के साथ गाते हैं। इसे गाते समय मन में यह भाव होता है कि माँ ही सर्वशक्तिमान हैं और वही हमारे जीवन की हर बाधा को दूर कर सकती हैं। इस भजन को गाने से मन में सकारात्मकता आती है और भक्त को यह विश्वास मिलता है कि माँ की कृपा से उसके सभी कार्य पूर्ण होंगे। यह भजन माँ के प्रति पूर्ण समर्पण और उनकी सर्वव्यापकता को नमन करने का एक सुंदर माध्यम है।
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