Patthar Ki Murat Bol Padi
पत्थर की मूरत बोल पड़ी
📥 Bhajan Poster
Add to list
Loading…
▶
यहीं चलाएँ · Play here
Text size:
पत्थर की मूरत बोल पड़ी, क्या मुझे मनाने आया है,
तेरे घर में मैया तड़प रही, क्या तुझे तरस नहीं आया ॥ टेक ॥
तू छप्पन भोग ले आया है, तेरे घर में मैया भूखी है,
दाने-दाने को तरस रही, और मुझे खिलाने आया है ॥1॥
तू जल का लोटा लाया है, तेरे घर में मैया प्यासी है,
बूंद-बूंद को तरस रही, और मुझे पिलाने आया है ॥2॥
तू लाल चुनरिया लाया है, तेरी मैया घर में तरस रही,
वह तो फटी पुरानी पहन रही, और मुझे पहनाने आया है ॥3॥
तू अपनी मां को मना लेना, सीने से उसे लगा लेना,
मेरे सारे कष्ट मिट जाएंगे, क्या मुझे मनाने आया है ॥4॥
गलती / शिकायत बताएं
क्या ठीक नहीं है? चुनें — admin जल्दी सुधार देगा।
🙏 धन्यवाद! आपकी शिकायत admin तक पहुँच गई।