Mata Rani

Saraswati Vandana

सरस्वती वंदना

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हे जगत जननी शारदा! मुझ दीन पर दृष्टि धरो। विद्या खजाना खोल स्वर अनमोल घट भीतर भरो। दध अक्षरों को टाल पिंगल चाल पद रचना करो। आया शरण में द्विज भंवर दुख-द्वंद कल्याणी हरो। दोहा सुमिरूं भवानी शारदा उर कण्ठ पर मेरे रमै। रिध-सिध सहित सुमिरूं गजानन्द रंग सत्संग में जमँ। गुरू ज्ञान दीपक ज्योति से अज्ञान अन्धियारा थमँ। गोविन्द से पहले भंवर गुरूदेव नारायण नम:। दोहा हंस वाहिनी मात भवानी विद्या की भण्डार आय सुनादे मैया वीणा की झणकार ॥ टेक ॥ माँ हिवड़ै थारो ध्यान ज्ञान बख्शो पल में तू राख दास की लाज आज भर दंगल में चरण कमल को चेरो तेरो नमन करूं हर बार ॥1॥ कंठा पर करो निवास हिया में उजियाळो कर शुद्ध शब्द स्वर ताल खोल घट को ताळो भरदे झोळी ठाडो पोळी सेवक थारै द्वार ॥2॥ मांथै मणियां को मुकुट सिंहासन रत्न जड्यो उजळा आभूषण वस्त्र गळा में हार पड्यो बाणी सूं बरणी नहीं जावै शोभा अपरम्पार ॥3॥ मीठी बीणा करताल मृदंग बजावै है मुखडा पर चमकै चांद रति शरमावै है थारा बिन सूनो माँ सगळो देवां को दरबार ॥4॥ कवियां की चालै कलम सदा थारा बळ सूं मति रूप रूंख कर हरयो सींच करुणा जळ सूं बीच भंवर में अटक्यो बेड़ो लीजे आन उबार ॥5॥

✍️ रचयिता: नारायण

इस भजन के बारे में

यह सरस्वती वंदना विद्या की अधिष्ठात्री देवी माँ शारदा को समर्पित एक अत्यंत भावपूर्ण स्तुति है। इस भजन में भक्त माँ सरस्वती से प्रार्थना करता है कि वे अज्ञान के अंधकार को मिटाकर उसके हृदय में ज्ञान का प्रकाश भर दें। माँ शारदा को 'हंस वाहिनी' और 'वीणावादिनी' के रूप में संबोधित करते हुए, भक्त उनसे अपनी वाणी में मधुरता, बुद्धि में स्पष्टता और जीवन के कठिन भंवर से पार लगाने की विनती करता है। यह स्तुति हमें याद दिलाती है कि बिना माँ की कृपा के विद्या और कला का पूर्ण ज्ञान प्राप्त करना असंभव है।

इस भजन को विशेष रूप से विद्यार्थियों, कवियों और संगीतकारों द्वारा विद्यारंभ, परीक्षा या किसी भी रचनात्मक कार्य की शुरुआत से पहले गाया जाता है। इसे गाने से मन में एकाग्रता आती है और सात्विक ऊर्जा का संचार होता है। भक्त इसे तब गाते हैं जब वे अपने भीतर के अज्ञान को दूर कर माँ की कृपा से ज्ञान और विवेक का आशीर्वाद पाना चाहते हैं। यह भजन न केवल माँ सरस्वती की दिव्य शोभा का वर्णन करता है, बल्कि यह भी सिखाता है कि गुरु और ईश्वर की शरण में जाने से ही जीवन का बेड़ा पार होता है।

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