Chetavni Bhajan

Bhajan Mein Java Koni De

भजनां में जावा कोनी दे

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भजनां में जावा कोनी दे, जमला में जावा कोनी दे। आछी परणाई ओ तुकरा माल ने ओ म्हारा राम ॥ टेक ॥ क्यूं नहीं कोनी पारस पीपळो ओ म्हारा राम। रेहती मारगों रे माँय, आवता साधुड़ा छांया बैठतो ओ म्हारा राम। म्हारो अमर वेतो नाम, आछी परणाई ओ तुकरा माल ने ओ म्हारा राम ॥1॥ क्यूं नहीं कोनी कुभा बावड़ी ओ म्हारा राम। रेहती वन रे माँय, आवता साधुड़ा पाणी पीवतो ओ म्हारा राम। म्हारो अमर वेतो नाम, आछी परणाई ओ रावळ माल ने ओ म्हारा राम ॥2॥ क्यूं नहीं कोनी वन री रोजड़ी ओ म्हारा राम। चरती हरियो हरियो घास, आयोड़ा सन्तों रा लेती वारणा ओ म्हारा राम। म्हारो अमर वेतो नाम, आछी परणाई ओ तुकरा माल ने ओ म्हारा राम ॥3॥ हाथ जोड़े ने रूपां बोलियां ओ म्हारा राम। म्हारा साधुड़ा रो अमरापुर में वास, आछी परणाई ओ तुकरा माल ने ओ म्हारा राम ॥4॥

✍️ रचयिता: लोक भजन

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