Ram

Tera Ramji Karenge Beda Paar

तेरा रामजी करेंगे बेड़ा पार

👁 9 views
यहीं चलाएँ · Play here
Text size:
तेरा रामजी करेंगे बेड़ा पार, उदासी मन काहे को करे ॥ टेक ॥ नैया तू कर दे प्रभु के हवाले, लहर-लहर हरि आप संभाले। हरि आप ही उतारें तेरा भार, उदासी मन काहे को करे ॥1॥ ये काबू में मझधार उसी के, हाथों में पतवार उसी के। बाजी जीत लेवो चाहे तुम हार, उदासी मन काहे को करे ॥2॥ गर निर्दोष तुझे क्या डर है, पग-पग पर साथी ईश्वर है। जरा भावना से कीजिए पुकार, उदासी मन काहे को करे ॥3॥ सहज किनारा मिल जाएगा, परम सहारा मिल जाएगा। डोरी सौंप के देख इक बार, उदासी मन काहे को करे ॥4॥

इस भजन के बारे में

यह भजन प्रभु श्री राम की असीम कृपा और उन पर अटूट विश्वास को समर्पित है। इसका भावार्थ बहुत सरल है—जीवन एक नाव की तरह है और प्रभु राम इसके मल्लाह हैं। जब हम अपने जीवन की डोर ईश्वर के हाथों में सौंप देते हैं, तो वे स्वयं ही हमारे दुखों का भार उठा लेते हैं और हमें संसार रूपी सागर से पार लगा देते हैं। यह भजन हमें सिखाता है कि चिंता करने से कुछ नहीं होगा, बल्कि प्रभु के प्रति पूर्ण समर्पण ही एकमात्र समाधान है।

यह भजन विशेष रूप से उन भक्तों के लिए है जो जीवन की कठिनाइयों या निराशा से घिरे हुए हैं। इसे गाने का मुख्य उद्देश्य मन को शांत करना और प्रभु के प्रति विश्वास को दृढ़ करना है। जब भी मन में घबराहट हो या कोई रास्ता न सूझ रहा हो, तब इस भजन का गायन भक्त को यह साहस देता है कि वह अकेला नहीं है; ईश्वर हर कदम पर उसके साथ हैं। इसे किसी भी शुभ अवसर, सत्संग या एकांत में प्रभु का स्मरण करते हुए गाया जा सकता है, जिससे मन को परम शांति और सहारा मिलता है।

Related Bhajans