Shiv

Tera Pal Pal Beeta Jaye

तेरा पल पल बीता जाए

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यहीं चलाएँ · Play here
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तेरा पल पल बीता जाए, मुख से जप ले नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय ॥ टेक ॥ शिव शिव तुम हृदय से बोलो, मन मंदिर का परदा खोलो, तेरा अवसर खाली ना जाए, मुख से जप ले नमः शिवाय ॥1॥ यह दुनिया पंछी का मेला, समझो उड़ जाना है अकेला, तेरा तन ये साथ न जाए, मुख से जप ले नमः शिवाय ॥2॥ मुसाफिरी जब पूरी होगी, चलने की मजबूरी होगी, तेरा बिगड़ा प्राण रह जाए, मुख से जप ले नमः शिवाय ॥3॥ शिव पूजन में मस्त बने जा, भक्ति सुधा रस पान किये जा, तू दर्शन विश्वनाथ के पाए, मुख से जप ले नमः शिवाय ॥4॥

इस भजन के बारे में

यह भजन भगवान शिव की भक्ति और जीवन की नश्वरता को समर्पित है। इसका मुख्य भाव यह है कि मनुष्य का जीवन हर पल बीत रहा है और समय बहुत कीमती है। इसलिए, हमें व्यर्थ की चिंताओं में समय न गंवाकर अपने मुख से निरंतर 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करना चाहिए। यह भजन हमें याद दिलाता है कि यह संसार एक मेले की तरह है जहाँ हम सब मुसाफिर हैं और अंत में हमें अकेले ही जाना है। हमारा शरीर भी साथ नहीं जाएगा, इसलिए शिव की भक्ति ही एकमात्र सच्ची पूंजी है जो हमारे साथ रहेगी।

भक्त इस भजन को विशेष रूप से शिवरात्रि, सोमवार के दिन या शिव पूजन के समय गाते हैं। इसे गाने का उद्देश्य मन के मंदिर के कपाट खोलना और हृदय में शिव के प्रति प्रेम जगाना है। जब मन अशांत हो या जीवन की भागदौड़ में हम ईश्वर को भूलने लगें, तब यह भजन हमें सचेत करता है कि हम भक्ति के अमृत का पान करें। इसे सुनने और गाने से मन को शांति मिलती है और भक्त का ध्यान सांसारिक मोह-माया से हटकर विश्वनाथ की शरण में लग जाता है।

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