Khatu Shyam

Teen Baan Ke Dhari

तीन बाण के धारी

👁 15 views
▶ यहीं चलाएँ · Play here
Text size:
अंधेरों की नगरी से, कैसे मैं पार जाऊं। श्याम अब लेने आजा, हौसला हार ना जाऊं। ओ श्याम आजा ॥ टेक ॥ तीन बाण के धारी तीनों बाण चलाओ ना। मुश्किल में है दास तेरा, अब जल्दी आओ ना। हारे के सहारे मेरे, हारे के सहारे, हारे के सहारे मेरी, हार हराओ ना। तीन बाण के धारी तीनों, बाण चलाओ ना। मुश्किल में है दास तेरा, अब जल्दी आओ ना ॥1॥ तूफानों ने घेर लिया मुझे, राह नजर ना आवे। तुम बिन कौन मेरा जो मेरी, बांह पकड़ ले जावे। भटक रहा राहों में बाबा, पार लगाओ ना। तीन बाण के धारी तीनों, बाण चलाओ ना ॥2॥ किसको रिश्ते निभाऊं, किसे जात बताऊं मैं। क्या क्या जख्म दिए जग ने, किसे घात बताऊं मैं। बिन कुछ पूछे श्याम हमारा, कष्ट मिटाओ ना। तीन बाण के धारी तीनों, बाण चलाओ ना ॥3॥ अनजानी नगरी में सब, अनजाने लगते हैं। हम तो तेरी याद में रो रो, रातें जगते हैं। बहता इन आंखों से बाबा, नीर थमाओ ना। तीन बाण के धारी तीनों, बाण चलाओ ना ॥4॥ कृष्ण को जिसने दान दिया, उस दानी के आगे। हमने सुना तेरा नाम लिए से, संकट सब भागे। छोटू की विपदा को बाबा, आग लगाओ ना। तीन बाण के धारी तीनों, बाण चलाओ ना ॥5॥

✍️ रचयिता: छोटू

Related Bhajans