Khatu Shyam

Shyam Vinay

श्याम विनय

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यहीं चलाएँ · Play here
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मन की मुरादें पूरी करना, ओ वृन्दावन रास रचैया। दीन की पुकार सुनले, मेरी नैया के खिवैया ॥ दोहा तेरे दर पे आया हूँ, मन में मुरादें लाया हूँ तुझसे मिलने आया हूँ, घर से पैदल आया हूँ ॥ टेक ॥ मेरे सिर पे श्याम हाथ तू रख दे, दर पे आया हूँ महर तू कर दे, दुनिया की सुनता मेरी भी सुनले, अर्ज मेरी मंजूर तू कर ले, खाटू वाले, नीले वाले, मुझपे भी दया करना, दरबां में जगह देना ठोकरें खाता आया हूँ, घर से पैदल आया हूँ तेरे दर पे ॥1॥ प्यासी आँखों में दीदार तू भरदे, नैया जो अटकी पार तू कर दे, भटके राही को श्याम शरण दे, भटका पंछी हूँ नीड निकट दे, राधा के प्यारे, नन्द दुलारे, अर्जी सुन झोली भरदे 'मनोज' तेरे दर आया है, मन में आशा लाया है तेरे दर पे ॥2॥

✍️ रचयिता: मनोज

इस भजन के बारे में

यह भजन "श्याम विनय" भगवान श्री कृष्ण के प्रति एक भक्त की गहरी और हृदयस्पर्शी प्रार्थना है। इसमें भक्त अपने मन की मुरादें पूरी करने और अपनी जीवन नैया को पार लगाने के लिए वृन्दावन के रास रचैया, भगवान श्याम सुंदर से विनती कर रहा है। यह भजन विशेष रूप से खाटू श्याम जी को समर्पित है, जिन्हें कलयुग के देवता के रूप में पूजा जाता है और जो अपने भक्तों की पुकार तुरंत सुनते हैं। भक्त उन्हें 'नीले वाले' और 'खाटू वाले' कहकर संबोधित करता है, जो उनकी विशिष्ट पहचान है।

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