Ram Naam Ke Heere Moti
राम नाम के हीरे मोती
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✍️ रचयिता: कबीर
इस भजन के बारे में
यह भजन संत कबीर दास जी द्वारा रचित है, जिसमें उन्होंने राम नाम को संसार का सबसे अनमोल रत्न बताया है। इसका भावार्थ यह है कि दुनिया की धन-दौलत और भौतिक सुख-सुविधाएं मिट्टी के ढेले के समान नश्वर हैं, जबकि प्रभु का नाम ही एकमात्र शाश्वत सत्य है। कबीर जी गली-गली में राम नाम का प्रसार कर रहे हैं ताकि भक्त माया के जाल से मुक्त होकर अपनी आत्मा का कल्याण कर सकें। यह भजन हमें याद दिलाता है कि अंत समय में केवल ईश्वर का नाम ही हमारा सच्चा साथी होता है। भक्त इसे विशेष रूप से सत्संग, कीर्तन या एकांत में प्रभु का स्मरण करते समय गाते हैं। इसे गाने से मन में वैराग्य और शांति का अनुभव होता है। यह भजन हमें सिखाता है कि सांसारिक बंधनों को छोड़कर राम नाम की ज्योति जलाना ही जीवन का असली उद्देश्य है, जिससे मनुष्य भवसागर से पार उतर सकता है।
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