Nirgun / Satsang

Mane ghodliyo mangvae Mari man

म्हाने घोड़लियो मंगवा मारी मां,

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म्हाने घोड़लियो मंगवा मारी मां, महाने घोड़लियो मंगवा, घोड़े चढ़ने घुमण जासा, घोड़लियो मंगवा मारी मां।। बाल पणा में रामदेव जी, हट कीनो हट भारी, कैसे हट कीनो यह बालक, सोच रही मातारी, कीकर ईनने मैं समझाऊं, लाग रही मन में चिंता, म्हाने घोड़लियों मंगवा मारी मां, महाने घोड़लियो मंगवा।। मीणा दे सुगना रे खातिर, दर्जी ने बुलवायो, रामदेवजी रे खातिर घोड़ो, कपड़े रो बनवायो, दर्जी मन में लालच कीनो, भीतर बहुत भरया भरमा, म्हाने घोड़लियों मंगवा मारी मां, महाने घोड़लियो मंगवा।। रंग रंगीलो नेनुओ घोडो, बालक रे मन भायो, लीनी हाथ लगाम बापजी, मन ही मन मुस्कायो, एड़ी लगाई घोड़लिये के, रामदेव आकाश होया, म्हाने घोड़लियों मंगवा मारी मां, महाने घोड़लियो मंगवा।। जादू रो घोड़लियो महारे, दर्जी गढ़ने लायो, मात-पिता मन में घबरायो, दर्जी कैद करायो, दर्जी विनती करबा लाग्यो, रामदेव जी कष्ट हरया, म्हाने घोड़लियों मंगवा मारी मां, महाने घोड़लियो मंगवा।। दर्जी ने परचो दिखलायो, रामदेव अवतारी, दास अशोक सुनावे थाने, अरजी सुणज्यो हमारी, हिवड़ा में संतोष विराजे, गांव रुणिचे रा धनिया, म्हाने घोड़लियों मंगवा मारी मां, महाने घोड़लियो मंगवा।। म्हाने घोड़लियो मंगवा मारी मां, महाने घोड़लियो मंगवा, घोड़े चढ़ने घुमण जासा, घोड़लियो मंगवा मारी मां।।

✍️ रचयिता: दास अशोक

इस भजन के बारे में

यह भजन लोक देवता बाबा रामदेव जी (रामसा पीर) के बाल स्वरूप की एक अत्यंत सुंदर और चमत्कारिक लीला का वर्णन करता है। इसमें बालक रामदेव जी अपनी माता मैणादे से जिद करते हैं कि उन्हें खेलने के लिए एक घोड़ा चाहिए। जब माता ने दर्जी से कपड़े का घोड़ा बनवाकर दिया, तो बाबा ने अपनी दिव्य शक्ति से उस निर्जीव खिलौने को जीवित कर दिया और उस पर सवार होकर आकाश में उड़ गए। यह प्रसंग बाबा की बाल-लीलाओं और उनकी अलौकिक शक्तियों को दर्शाता है।

भक्त इस भजन को विशेष रूप से बाबा रामदेव जी के मेलों, जागरणों और उनके प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करने के लिए गाते हैं। इसे गाने का भाव यह है कि जैसे बाबा ने अपनी लीला से सबको चकित कर दिया था, वैसे ही वे आज भी अपने भक्तों के कष्टों को हरने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। इस भजन को सुनने या गाने से मन में बाबा के प्रति अटूट विश्वास जागृत होता है और भक्त स्वयं को रुणिचे के धनी की शरण में अनुभव करते हैं। यह भजन बच्चों की मासूमियत और ईश्वर की अनंत शक्ति के मिलन का एक अद्भुत उदाहरण है।

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