Krishna

Kanhaiya Teri Leela Aparmpar

कन्हैया तेरी लीला अपरम्पार

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यहीं चलाएँ · Play here
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कन्हैया तेरी लीला अपरम्पार जनम लिया गोकुल में आए जग के पालनहार ॥ टेक ॥ कारागृह में ताले लगे थे, मात पिता बंधन में बंधे थे काली घटा छाई अम्बर में बारिश मूसलाधार ॥1॥ सारे ताले खोल दिए थे, बंधन सारे तोड़ दिए थे सात द्वार खोले कान्हा ने सो गए पहरेदार ॥2॥ वासुदेव चले मथुरा से, बादल गरज रहे अम्बर से यमुना नदी चढ़ आई चरम पर वासुदेव परेशान ॥3॥ कान्हा जी मन में मुस्काए, यमुना नदी में पैर लगाए पैर लगाते ही यमुना सूखी सूख गई जलधार ॥4॥ वासुदेव गोकुल में आए, रातों रात ही वापस जाए यशोदा की बेटी को लेकर रख दिया अपना लाल ॥5॥ गोकुल में आई है खुशियां, नंद के घर जन्मे कन्हैया ढोल नगाड़े बाज रहे हैं चारों ओर बाहर ॥6॥

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