Krishna

Achyutam Keshavam

अच्युतम केशवम

👁 22 views
यहीं चलाएँ · Play here
Text size:
अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम, राम नारायणम जानकी वल्लभम॥ कौन कहता है भगवान आते नहीं, तुम मीरा के जैसे बुलाते नहीं॥ कौन कहता है भगवान खाते नहीं, बेर शबरी के जैसे खिलाते नहीं॥ कौन कहता है भगवान सोते नहीं, माँ यशोदा के जैसे सुलाते नहीं॥ कौन कहता है भगवान नाचे नहीं, गोपियों के सजन ता-ता थैया नहीं॥ अच्युतम केशवम कृष्ण दामोदरम, राम नारायणम जानकी वल्लभम॥

इस भजन के बारे में

यह भजन भगवान श्रीकृष्ण और श्री राम के प्रति अटूट प्रेम और विश्वास को समर्पित है। इसमें बताया गया है कि ईश्वर केवल ग्रंथों में नहीं, बल्कि भक्त के हृदय में बसते हैं। 'अच्युतम केशवम' नाम जपते हुए हम भगवान के उन रूपों का स्मरण करते हैं जो करुणा और प्रेम के सागर हैं। यह भजन हमें याद दिलाता है कि ईश्वर से मिलने के लिए केवल मीरा जैसी सच्ची पुकार, शबरी जैसा निश्छल प्रेम और यशोदा मैया जैसा वात्सल्य भाव चाहिए।

भक्त इस भजन को तब गाते हैं जब वे अपने मन को शांत करना चाहते हैं और ईश्वर के साथ एक गहरा संबंध महसूस करना चाहते हैं। यह भजन किसी भी शुभ अवसर, पूजा या संध्या के समय गाया जा सकता है। इसे गाने से मन में सकारात्मकता आती है और यह विश्वास दृढ़ होता है कि भगवान हमेशा अपने भक्तों की पुकार सुनते हैं। यह भजन हमें सिखाता है कि यदि हम प्रेम से बुलाएं, तो ईश्वर आज भी हमारे साथ उसी तरह उपस्थित होते हैं जैसे वे प्राचीन काल में अपने भक्तों के साथ थे।

Related Bhajans