Krishna

Ghar Mein Rehna Mehman Banke

घर में रहना मेहमान बनके

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यहीं चलाएँ · Play here
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आये हो श्याम साँवरे तुम तो बहार बनके मेरे घर में यूँ ही रहना, बाबा मेहमान बनके तुम दिल में बस गये हो, जीवन की साँसें बनके, मेरे घर में ॥ टेक ॥ रूखा था जीवन, सूखा पड़ा था मधुबन टूटे ना श्याम से नाता, ये कैसा जुड़ा है बन्धन श्याम सामने आते हो, दिल में उमंगें बनके ॥1॥ दीदार श्याम करा दे, मेरा उजड़ा बाग बसा दे मेरा जीवन सफल बना दे, अब दर्श मुझे दिखा दे तेरे प्यार का मैं दीवाना, जीवित तेरे सहारे ॥2॥ खोये-खोये हैं नैना, सूनी पड़ी है रैना छुपके से श्याम आये, दिल के तारे जगमगाये 'मनोज' तुझसे आशा रखता, दुनियाँ से दूर रहके ॥3॥

✍️ रचयिता: मनोज

इस भजन के बारे में

यह भावपूर्ण भजन खाटू श्याम जी को समर्पित है। इसमें भक्त अपने आराध्य से प्रार्थना करता है कि वे उसके जीवन में एक मेहमान की तरह आएं और सदा के लिए बस जाएं। इसका मुख्य भाव यह है कि भक्त का जीवन श्याम बाबा के बिना सूना और नीरस है, और उनकी उपस्थिति ही जीवन में बहार ला सकती है। भक्त अपनी पूरी श्रद्धा और निर्भरता बाबा पर व्यक्त करता है, यह मानते हुए कि प्रभु ही उसके जीवन की सांसें और एकमात्र सहारा हैं। यह भजन विशेष रूप से तब गाया जाता है जब भक्त अपने मन में प्रभु के प्रति गहरी तड़प और प्रेम महसूस करता है। इसे एकांत में या सत्संग के दौरान गाकर भक्त अपनी व्याकुलता को प्रभु के चरणों में समर्पित करते हैं। इस भजन को गाने से मन को असीम शांति मिलती है और यह विश्वास दृढ़ होता है कि श्याम बाबा हमेशा अपने भक्त के साथ हैं, चाहे परिस्थितियाँ कैसी भी हों। यह भजन हमें सिखाता है कि संसार की मोह-माया से दूर रहकर केवल प्रभु के प्रेम में खो जाना ही जीवन की सच्ची सार्थकता है।

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