Bhumi Par Badhta Asuron Ka
भूमि पर बढ़ता असुरों का
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✍️ रचयिता: भंवर
इस भजन के बारे में
यह भजन भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों की महिमा और उनके द्वारा अधर्म के विनाश का वर्णन करता है। इसका भावार्थ यह है कि जब-जब पृथ्वी पर पाप और असुरों का भार बढ़ता है, तब-तब भगवान सुदर्शन चक्रधारी स्वयं अवतार लेकर भक्तों की रक्षा करते हैं। इसमें भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए नरसिंह अवतार, रावण के वध के लिए प्रभु श्री राम का अवतार और कंस के विनाश के लिए श्री कृष्ण के अवतार का सुंदर चित्रण किया गया है। यह भजन हमें याद दिलाता है कि ईश्वर सदैव अपने भक्तों के साथ हैं और दुष्टों का अंत निश्चित है।
यह भजन मुख्य रूप से भगवान विष्णु के अवतारों को समर्पित है और उनकी शक्ति व करुणा का स्मरण कराता है। भक्त इसे विशेष रूप से सत्संग, कीर्तन या किसी भी शुभ अवसर पर गाते हैं। इसे गाने से मन में साहस और भक्ति का संचार होता है। इस भजन को सुनने या गाने का उद्देश्य अपने भीतर के अहंकार को मिटाकर प्रभु के चरणों में पूर्ण समर्पण करना है। यह हमें सिखाता है कि कठिन समय में भी ईश्वर पर अटूट विश्वास रखना चाहिए, क्योंकि वे ही संसार के रक्षक और पालनहार हैं।
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