⚙️ पंचांग सेटिंग्स
बुधवार
तृतीया · कृष्ण पक्ष
माह: वैशाख
वि.सं. 2062
सूर्य राशि: मेष
उत्तरायण
वसन्त
✨ पंचांग
| तिथि | तृतीया (कृष्ण पक्ष) तक 10:26 |
|---|---|
| नक्षत्र | अनुराधा (पाद 4) तक 06:18 |
| योग | वरीयान तक 06:56 |
| करण | विष्टि तक 10:26 |
☀️ सूर्य
| सूर्योदय | 05:51 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:57 |
| मध्याह्न | 12:25 |
| दिन/रात मान | 13h 05m / 10h 55m |
🌖 चंद्र
| चंद्र राशि | वृश्चिक → धनु (28-04-2005 04:50) |
|---|---|
| चंद्रोदय | 22:26 |
| चंद्रास्त | 07:40 |
| चंद्र-कला | 🌖 92% कृष्ण गिब्बस |
🕐 मुहूर्त और काल
| अभिजित मुहूर्त | 11:58 – 12:51 |
|---|---|
| राहु काल | 12:25 – 14:03 |
| गुलिक काल | 10:46 – 12:25 |
| यमगण्ड | 07:30 – 09:08 |
🪔 दिन का चौघड़िया
लाभ05:52 – 07:30
अमृत07:30 – 09:08
काल09:08 – 10:46
शुभ10:46 – 12:25
रोग12:25 – 14:03
उद्वेग14:03 – 15:41
चर15:41 – 17:19
लाभ17:19 – 18:57
● शुभ ● अशुभ
🪔 रात का चौघड़िया
उद्वेग18:57 – 20:19
चर20:19 – 21:41
लाभ21:41 – 23:02
अमृत23:02 – 00:24
काल00:24 – 01:46
शुभ01:46 – 03:08
रोग03:08 – 04:29
उद्वेग04:29 – 05:51
● शुभ ● अशुभ
🌟 शुभ मुहूर्त
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:25 – 05:08 |
|---|---|
| प्रातः सन्ध्या | 04:47 – 05:51 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:58 – 12:51 |
| विजय मुहूर्त | 14:35 – 15:28 |
| गोधूलि मुहूर्त | 18:57 – 19:19 |
| निशिता मुहूर्त | 00:02 – 00:46 |
✦ योग (शुभ-अशुभ)
सर्वार्थ सिद्धि योग
सभी कार्यों में सिद्धि देने वाला — शुभ कार्य, खरीद व नवीन आरंभ हेतु उत्तम।
सभी कार्यों में सिद्धि देने वाला — शुभ कार्य, खरीद व नवीन आरंभ हेतु उत्तम।
अमृत सिद्धि योग
अमृत तुल्य शुभ — मांगलिक कार्य सफल (कुछ कार्य तिथि-दोष होने पर वर्जित)।
अमृत तुल्य शुभ — मांगलिक कार्य सफल (कुछ कार्य तिथि-दोष होने पर वर्जित)।
दग्ध योग
अशुभ — शुभ व मांगलिक कार्य, यात्रा तथा नवीन आरंभ इस दिन वर्जित।
अशुभ — शुभ व मांगलिक कार्य, यात्रा तथा नवीन आरंभ इस दिन वर्जित।
⚠️ दुर्मुहूर्त व चेतावनी
| दुर्मुहूर्त | 11:06 – 11:58 |
|---|---|
| वर्ज्य काल | 11:22 – 12:53 इस अवधि में शुभ कार्य वर्जित |
| भद्रा | है — वास स्वर्ग भद्रा स्वर्ग में — प्रभाव नगण्य, अधिकांश कार्य किए जा सकते हैं। |
| पंचक | नहीं है |
| गंडमूल | नहीं है |
| दिशाशूल | उत्तर दिशा में यात्रा वर्जित |
⭐ नक्षत्र व तिथि विवरण
| नक्षत्र स्वामी | शनि |
|---|---|
| देवता | मित्र |
| गण / नाड़ी | देव / मध्य |
| योनि | मृग |
| तिथि प्रकार | जया |
| चंद्र राशि | वृश्चिक |
📋 कार्य मुहूर्त — आज कौन-सा कार्य शुभ
विवाहमध्यम — सावधानी
गृह प्रवेशमध्यम — सावधानी
यात्रामध्यम — सावधानी
वाहन क्रयमध्यम — सावधानी
व्यापार आरंभमध्यम — सावधानी
भूमि/निर्माणअशुभ
नामकरण/मुंडनअशुभ
शिक्षा आरंभअशुभ
● शुभ ● मध्यम ● अशुभ
🕐 होरा (प्रत्येक होरा का स्वामी)
दिन · बुध होरा05:52 – 06:57
दिन · चंद्र होरा06:57 – 08:03
दिन · शनि होरा08:03 – 09:08
दिन · गुरु होरा09:08 – 10:14
दिन · मंगल होरा10:14 – 11:19
दिन · सूर्य होरा11:19 – 12:25
दिन · शुक्र होरा12:25 – 13:30
दिन · बुध होरा13:30 – 14:35
दिन · चंद्र होरा14:35 – 15:41
दिन · शनि होरा15:41 – 16:46
दिन · गुरु होरा16:46 – 17:52
दिन · मंगल होरा17:52 – 18:57
रात · सूर्य होरा18:57 – 19:52
रात · शुक्र होरा19:52 – 20:46
रात · बुध होरा20:46 – 21:41
रात · चंद्र होरा21:41 – 22:35
रात · शनि होरा22:35 – 23:30
रात · गुरु होरा23:30 – 00:24
रात · मंगल होरा00:24 – 01:19
रात · सूर्य होरा01:19 – 02:13
रात · शुक्र होरा02:13 – 03:08
रात · बुध होरा03:08 – 04:02
रात · चंद्र होरा04:02 – 04:57
रात · शनि होरा04:57 – 05:51
स्थान के सूर्योदय अनुसार गणना · आने वाले त्योहार देखें →