Meera Bai

Rane Var Ra Kai Parniyu (Meera Bai Bhajan)

राणे वर रा काईं परणीयूँ (मीराबाई भजन)

👁 7 views
यहीं चलाएँ · Play here
Text size:
राणे वर रा काईं परणीयूँ, जलम जलम मर जाय। वर परणीयूँ साँवरो, म्हारो अमर चूड़ो होई जाय॥ कोड करे म्हारी माय, मीरा ने साँवरियो परणाय। हरख करे म्हारी माय, मीरा ने गिरधारी परणाय॥ कड़ी - 1 राणे प्याला भेजिया रे, द्यो मीरा रे हाथ। राणे प्याला भेजिया रे, द्यो मीरा रे हाथ। अमृत कर मीरा आरोगिया, म्हाने साँवरियो परणाय॥ (टेर: कोड करे म्हारी माय...) कड़ी - 2 राणे पिटारो भेजियो रे, दीजो मीरा रे हाथ। खोल्याँ जद नागिन हारी हुई, म्हाने साँवरियो परणाय॥ राणे बासक छेड़िया देया मीरा रे हाथ, हार करे मीरा हिलोरियो, सांवरियो परणाय॥ (टेर: कोड करे म्हारी माय...) कड़ी - 3 सूली ऊपर सेज हमारी, किस बिध सोवण होय। गगन मंडल पर सेज पिया की, किस बिध मिलणो होय॥ (टेर: कोड करे म्हारी माय...) कड़ी - 4 मीरा के प्रभु गिरधर नागर, हरख-हरख जस गाय। चरण कमल में चित्त राखियो, म्हाने साँवरियो परणाय॥ (टेर: कोड करे म्हारी माय...)

इस भजन के बारे में

यह भजन भक्त शिरोमणि मीराबाई के अनन्य प्रेम और दृढ़ विश्वास को दर्शाता है। इसमें मीराबाई कहती हैं कि उन्होंने किसी नश्वर राजा से विवाह नहीं किया, जो जन्म-जन्मांतर के चक्र में फँसा हो। उनका विवाह तो साँवले प्रभु श्री कृष्ण से हुआ है, जिससे उनका सुहाग अमर हो गया है। यह भजन मीरा के इस अटल निश्चय को प्रकट करता है कि उनके पति, उनके स्वामी केवल और केवल गिरधर गोपाल ही हैं।

यह भजन भगवान श्री कृष्ण को समर्पित है, जिन्हें मीरा ने अपना सर्वस्व, अपना पति मान लिया था। इसमें मीरा के जीवन की उन घटनाओं का भी संकेत है जब राणा ने उन्हें विष का प्याला भेजा या सांपों से भरी पिटारी भेजी, लेकिन प्रभु की कृपा से वे सभी बाधाएँ अमृत और हार में बदल गईं। यह भजन भक्त और भगवान के बीच के गहरे, अलौकिक संबंध को दर्शाता है, जहाँ भक्त का प्रेम हर कसौटी पर खरा उतरता है।

भक्त इस भजन को अपनी भक्ति को दृढ़ करने, प्रभु के प्रति अपने प्रेम को व्यक्त करने और सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठने के लिए गाते हैं। यह भजन विशेष रूप से तब गाया जाता है जब भक्त अपने आराध्य के प्रति पूर्ण समर्पण का भाव महसूस करते हैं। इसे गाने से मन को शांति मिलती है, विश्वास बढ़ता है और यह प्रेरणा मिलती है कि सच्ची भक्ति से हर बाधा को पार किया जा सकता है। यह भजन मीरा के त्याग, तपस्या और अटूट प्रेम की याद दिलाता है।

Related Bhajans