Ganesh Ji

Gajanan Kar Do Beda Paar

गजानन कर दो बेड़ा पार

👁 9 views
यहीं चलाएँ · Play here
Text size:
गजानन कर दो बेड़ा पार, आज हम तुम्हें मनाते हैं। तुम्हें मनाते हैं गजानन, तुम्हें मनाते हैं। ॥ टेक ॥ सबसे पहले तुम्हें मनावें, सभा बीच में तुम्हें बुलावें। गणपति आन पधारो, हम तो तुम्हें बुलाते हैं। ॥1॥ आओ पार्वती के लाल, मूषक वाहन सूंड सुंडाला। जपें तुम्हारे नाम की माला, हम ध्यान लगाते हैं। ॥2॥ उमापति शंकर के प्यारे, तुम भक्तों के काज संवारे। बड़े-बड़े पापी हैं तारे, जो शरण में आते हैं। ॥3॥ लड्डू-पेड़ा भोग लगावें, पान-सुपारी-पुष्प चढ़ावें। हाथ जोड़कर करें वन्दना, हम शीश झुकाते हैं। ॥4॥ भक्तजनों ने टेर लगाई, सत्संग में तेरी महिमा गाई। ऋद्धि-सिद्धि संग में ले आओ, हम भोग लगाते हैं। ॥5॥

इस भजन के बारे में

यह भजन प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश को समर्पित है। इस भजन का भाव यह है कि भक्त अपने आराध्य गजानन से प्रार्थना कर रहे हैं कि वे उनके जीवन की नैया को पार लगा दें। भक्त उन्हें सबसे पहले याद करते हैं और अपने सत्संग व पूजा में पधारने का निमंत्रण देते हैं। गणेश जी, जो माता पार्वती और भगवान शिव के लाडले हैं, वे अपने भक्तों के सभी कष्टों को दूर करने वाले और उन्हें सही राह दिखाने वाले हैं।

इस भजन को विशेष रूप से किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत, गणेश चतुर्थी, या साप्ताहिक सत्संग के दौरान गाया जाता है। जब भक्त मन में श्रद्धा लेकर उन्हें लड्डू, पुष्प और पान-सुपारी अर्पित करते हैं, तो उन्हें विश्वास होता है कि रिद्धि-सिद्धि के दाता गणेश जी उनकी पुकार अवश्य सुनेंगे। इस भजन को गाने से मन में शांति आती है, विघ्न दूर होते हैं और भक्त को अपने जीवन में आने वाली बाधाओं से लड़ने का साहस और प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

Related Bhajans