⚙️ पंचांग सेटिंग्स
मंगलवार
त्रयोदशी · शुक्ल पक्ष
माह: कार्तिक
वि.सं. 2099
सूर्य राशि: वृश्चिक
दक्षिणायन
शरद
🎉 प्रदोष व्रत
✨ पंचांग
| तिथि | त्रयोदशी (शुक्ल पक्ष) तक 18:29 |
|---|---|
| नक्षत्र | अश्विनी (पाद 3) तक 15:56 |
| योग | व्यतीपात तक 07:41 |
| करण | कौलव तक 08:11 |
☀️ सूर्य
| सूर्योदय | 06:54 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:34 |
| मध्याह्न | 12:14 |
| दिन/रात मान | 10h 40m / 13h 20m |
🌔 चंद्र
| चंद्र राशि | मेष → वृषभ (26-11-2042 18:32) |
|---|---|
| चंद्रोदय | 15:56 |
| चंद्रास्त | 05:39 |
| चंद्र-कला | 🌔 93% शुक्ल गिब्बस |
🕐 मुहूर्त और काल
| अभिजित मुहूर्त | 11:52 – 12:35 |
|---|---|
| राहु काल | 14:54 – 16:14 |
| गुलिक काल | 12:14 – 13:34 |
| यमगण्ड | 09:34 – 10:54 |
🪔 दिन का चौघड़िया
रोग06:54 – 08:14
उद्वेग08:14 – 09:34
चर09:34 – 10:54
लाभ10:54 – 12:14
अमृत12:14 – 13:34
काल13:34 – 14:54
शुभ14:54 – 16:14
रोग16:14 – 17:34
● शुभ ● अशुभ
🪔 रात का चौघड़िया
काल17:34 – 19:14
शुभ19:14 – 20:54
रोग20:54 – 22:34
उद्वेग22:34 – 00:14
चर00:14 – 01:54
लाभ01:54 – 03:34
अमृत03:34 – 05:14
काल05:14 – 06:54
● शुभ ● अशुभ
🌟 शुभ मुहूर्त
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:18 – 06:06 |
|---|---|
| प्रातः संध्या | 06:18 – 07:06 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:52 – 12:35 |
| विजय मुहूर्त | 14:00 – 14:43 |
| गोधूलि मुहूर्त | 17:10 – 17:58 |
| निशीथ मुहूर्त | 23:50 – 00:38 |
✦ योग (शुभ-अशुभ)
सर्वार्थ सिद्धि योग
सभी कार्यों में सिद्धि देने वाला — शुभ कार्य, खरीद व नवीन आरंभ हेतु उत्तम।
सभी कार्यों में सिद्धि देने वाला — शुभ कार्य, खरीद व नवीन आरंभ हेतु उत्तम।
अमृत सिद्धि योग
अमृत तुल्य शुभ — मांगलिक कार्य सफल (कुछ कार्य तिथि-दोष होने पर वर्जित)।
अमृत तुल्य शुभ — मांगलिक कार्य सफल (कुछ कार्य तिथि-दोष होने पर वर्जित)।
⚠️ दुर्मुहूर्त व चेतावनी
| दुर्मुहूर्त | 09:02 – 09:44 |
|---|---|
| दुर्मुहूर्त | 11:52 – 12:35 |
| वर्ज्य काल | 12:21 – 13:47 इस अवधि में शुभ कार्य वर्जित |
| भद्रा | नहीं है |
| पंचक | नहीं है |
| गंडमूल | है |
| दिशाशूल | उत्तर दिशा में यात्रा वर्जित |
⭐ नक्षत्र व तिथि विवरण
| नक्षत्र स्वामी | केतु |
|---|---|
| देवता | अश्विनी कुमार |
| गण / नाड़ी | देव / आदि |
| योनि | अश्व |
| तिथि प्रकार | जया |
| चंद्र राशि | मेष |
📋 कार्य मुहूर्त — आज कौन-सा कार्य शुभ
विवाहअशुभ
गृह प्रवेशअशुभ
यात्रामध्यम — सावधानी
वाहन क्रयमध्यम — सावधानी
व्यापार आरंभमध्यम — सावधानी
भूमि/निर्माणअशुभ
नामकरण/मुंडनमध्यम — सावधानी
शिक्षा आरंभमध्यम — सावधानी
● शुभ ● मध्यम ● अशुभ
🕐 होरा (प्रत्येक होरा का स्वामी)
दिन · मंगल होरा06:54 – 07:47
दिन · सूर्य होरा07:47 – 08:40
दिन · शुक्र होरा08:40 – 09:34
दिन · बुध होरा09:34 – 10:27
दिन · चंद्र होरा10:27 – 11:20
दिन · शनि होरा11:20 – 12:14
दिन · गुरु होरा12:14 – 13:07
दिन · मंगल होरा13:07 – 14:00
दिन · सूर्य होरा14:00 – 14:54
दिन · शुक्र होरा14:54 – 15:47
दिन · बुध होरा15:47 – 16:40
दिन · चंद्र होरा16:40 – 17:34
रात · शनि होरा17:34 – 18:40
रात · गुरु होरा18:40 – 19:47
रात · मंगल होरा19:47 – 20:54
रात · सूर्य होरा20:54 – 22:01
रात · शुक्र होरा22:01 – 23:07
रात · बुध होरा23:07 – 00:14
रात · चंद्र होरा00:14 – 01:21
रात · शनि होरा01:21 – 02:27
रात · गुरु होरा02:27 – 03:34
रात · मंगल होरा03:34 – 04:41
रात · सूर्य होरा04:41 – 05:48
रात · शुक्र होरा05:48 – 06:54
स्थान के सूर्योदय अनुसार गणना · आने वाले त्योहार देखें →