⚙️ पंचांग सेटिंग्स
गुरुवार
चतुर्थी · शुक्ल पक्ष
माह: ज्येष्ठ
वि.सं. 2097
सूर्य राशि: वृषभ
उत्तरायण
ग्रीष्म
🎉 विनायक चतुर्थी🎉 मिथुन संक्रांति
✨ पंचांग
| तिथि | चतुर्थी (शुक्ल पक्ष) तक 09:09 |
|---|---|
| नक्षत्र | पुष्य (पाद 4) तक 07:53 |
| योग | व्याघात तक 21:45 |
| करण | विष्टि तक 09:09 |
☀️ सूर्य
| सूर्योदय | 05:32 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 19:22 |
| मध्याह्न | 12:27 |
| दिन/रात मान | 13h 49m / 10h 11m |
🌒 चंद्र
| चंद्र राशि | कर्क → सिंह (15-06-2040 10:42) |
|---|---|
| चंद्रोदय | 09:10 |
| चंद्रास्त | 23:06 |
| चंद्र-कला | 🌒 15% शुक्ल (बढ़ता) |
🕐 मुहूर्त और काल
| अभिजित मुहूर्त | 12:00 – 12:55 |
|---|---|
| राहु काल | 14:11 – 15:55 |
| गुलिक काल | 09:00 – 10:44 |
| यमगण्ड | 05:32 – 07:16 |
🪔 दिन का चौघड़िया
शुभ05:32 – 07:16
रोग07:16 – 09:00
उद्वेग09:00 – 10:44
चर10:44 – 12:27
लाभ12:27 – 14:11
अमृत14:11 – 15:55
काल15:55 – 17:38
शुभ17:38 – 19:22
● शुभ ● अशुभ
🪔 रात का चौघड़िया
अमृत19:22 – 20:38
काल20:38 – 21:55
शुभ21:55 – 23:11
रोग23:11 – 00:27
उद्वेग00:27 – 01:44
चर01:44 – 03:00
लाभ03:00 – 04:16
अमृत04:16 – 05:33
● शुभ ● अशुभ
🌟 शुभ मुहूर्त
| ब्रह्म मुहूर्त | 03:56 – 04:44 |
|---|---|
| प्रातः संध्या | 04:56 – 05:44 |
| अभिजित मुहूर्त | 12:00 – 12:55 |
| विजय मुहूर्त | 14:45 – 15:41 |
| गोधूलि मुहूर्त | 18:58 – 19:46 |
| निशीथ मुहूर्त | 00:03 – 00:51 |
✦ योग (शुभ-अशुभ)
सर्वार्थ सिद्धि योग
सभी कार्यों में सिद्धि देने वाला — शुभ कार्य, खरीद व नवीन आरंभ हेतु उत्तम।
सभी कार्यों में सिद्धि देने वाला — शुभ कार्य, खरीद व नवीन आरंभ हेतु उत्तम।
अमृत सिद्धि योग
अमृत तुल्य शुभ — मांगलिक कार्य सफल (कुछ कार्य तिथि-दोष होने पर वर्जित)।
अमृत तुल्य शुभ — मांगलिक कार्य सफल (कुछ कार्य तिथि-दोष होने पर वर्जित)।
गुरु पुष्य योग
शिक्षा, धन व शुभ कार्य आरंभ के लिए श्रेष्ठ।
शिक्षा, धन व शुभ कार्य आरंभ के लिए श्रेष्ठ।
रवि योग
अत्यंत शुभ — अधिकांश दोषों का शमन; शुभ कार्य के लिए उत्तम।
अत्यंत शुभ — अधिकांश दोषों का शमन; शुभ कार्य के लिए उत्तम।
⚠️ दुर्मुहूर्त व चेतावनी
| दुर्मुहूर्त | 10:09 – 11:04 |
|---|---|
| दुर्मुहूर्त | 15:41 – 16:36 |
| वर्ज्य काल | 13:52 – 15:40 इस अवधि में शुभ कार्य वर्जित |
| भद्रा | है — वास स्वर्ग भद्रा स्वर्ग में — प्रभाव नगण्य, अधिकांश कार्य किए जा सकते हैं। |
| पंचक | नहीं है |
| गंडमूल | नहीं है |
| दिशाशूल | दक्षिण दिशा में यात्रा वर्जित |
⭐ नक्षत्र व तिथि विवरण
| नक्षत्र स्वामी | शनि |
|---|---|
| देवता | बृहस्पति |
| गण / नाड़ी | देव / मध्य |
| योनि | मेष |
| तिथि प्रकार | रिक्ता |
| चंद्र राशि | कर्क |
📋 कार्य मुहूर्त — आज कौन-सा कार्य शुभ
विवाहअशुभ
गृह प्रवेशअशुभ
यात्रामध्यम — सावधानी
वाहन क्रयमध्यम — सावधानी
व्यापार आरंभमध्यम — सावधानी
भूमि/निर्माणअशुभ
नामकरण/मुंडनमध्यम — सावधानी
शिक्षा आरंभमध्यम — सावधानी
● शुभ ● मध्यम ● अशुभ
🕐 होरा (प्रत्येक होरा का स्वामी)
दिन · गुरु होरा05:32 – 06:42
दिन · मंगल होरा06:42 – 07:51
दिन · सूर्य होरा07:51 – 09:00
दिन · शुक्र होरा09:00 – 10:09
दिन · बुध होरा10:09 – 11:18
दिन · चंद्र होरा11:18 – 12:27
दिन · शनि होरा12:27 – 13:36
दिन · गुरु होरा13:36 – 14:45
दिन · मंगल होरा14:45 – 15:55
दिन · सूर्य होरा15:55 – 17:04
दिन · शुक्र होरा17:04 – 18:13
दिन · बुध होरा18:13 – 19:22
रात · चंद्र होरा19:22 – 20:13
रात · शनि होरा20:13 – 21:04
रात · गुरु होरा21:04 – 21:55
रात · मंगल होरा21:55 – 22:45
रात · सूर्य होरा22:45 – 23:36
रात · शुक्र होरा23:36 – 00:27
रात · बुध होरा00:27 – 01:18
रात · चंद्र होरा01:18 – 02:09
रात · शनि होरा02:09 – 03:00
रात · गुरु होरा03:00 – 03:51
रात · मंगल होरा03:51 – 04:42
रात · सूर्य होरा04:42 – 05:33
स्थान के सूर्योदय अनुसार गणना · आने वाले त्योहार देखें →