⚙️ पंचांग सेटिंग्स
शुक्रवार
सप्तमी · कृष्ण पक्ष
माह: श्रावण
वि.सं. 2095
सूर्य राशि: कर्क
दक्षिणायन
ग्रीष्म
✨ पंचांग
| तिथि | सप्तमी (कृष्ण पक्ष) तक 22:00 |
|---|---|
| नक्षत्र | रेवती (पाद 2) तक 20:54 |
| योग | सुकर्मा तक 15:00 |
| करण | विष्टि तक 08:52 |
☀️ सूर्य
| सूर्योदय | 05:46 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 19:20 |
| मध्याह्न | 12:33 |
| दिन/रात मान | 13h 34m / 10h 26m |
🌗 चंद्र
| चंद्र राशि | मीन → मेष (23-07-2038 20:54) |
|---|---|
| चंद्रोदय | 23:53 |
| चंद्रास्त | 12:41 |
| चंद्र-कला | 🌗 62% कृष्ण गिब्बस |
🕐 मुहूर्त और काल
| अभिजित मुहूर्त | 12:06 – 13:00 |
|---|---|
| राहु काल | 10:51 – 12:33 |
| गुलिक काल | 07:28 – 09:10 |
| यमगण्ड | 15:57 – 17:38 |
🪔 दिन का चौघड़िया
चर05:46 – 07:28
लाभ07:28 – 09:10
अमृत09:10 – 10:51
काल10:51 – 12:33
शुभ12:33 – 14:15
रोग14:15 – 15:57
उद्वेग15:57 – 17:38
चर17:38 – 19:20
● शुभ ● अशुभ
🪔 रात का चौघड़िया
रोग19:20 – 20:38
उद्वेग20:38 – 21:57
चर21:57 – 23:15
लाभ23:15 – 00:33
अमृत00:33 – 01:52
काल01:52 – 03:10
शुभ03:10 – 04:28
रोग04:28 – 05:47
● शुभ ● अशुभ
🌟 शुभ मुहूर्त
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:10 – 04:58 |
|---|---|
| प्रातः संध्या | 05:10 – 05:58 |
| अभिजित मुहूर्त | 12:06 – 13:00 |
| विजय मुहूर्त | 14:49 – 15:43 |
| गोधूलि मुहूर्त | 18:56 – 19:44 |
| निशीथ मुहूर्त | 00:09 – 00:57 |
✦ योग (शुभ-अशुभ)
सर्वार्थ सिद्धि योग
सभी कार्यों में सिद्धि देने वाला — शुभ कार्य, खरीद व नवीन आरंभ हेतु उत्तम।
सभी कार्यों में सिद्धि देने वाला — शुभ कार्य, खरीद व नवीन आरंभ हेतु उत्तम।
अमृत सिद्धि योग
अमृत तुल्य शुभ — मांगलिक कार्य सफल (कुछ कार्य तिथि-दोष होने पर वर्जित)।
अमृत तुल्य शुभ — मांगलिक कार्य सफल (कुछ कार्य तिथि-दोष होने पर वर्जित)।
रवि योग
अत्यंत शुभ — अधिकांश दोषों का शमन; शुभ कार्य के लिए उत्तम।
अत्यंत शुभ — अधिकांश दोषों का शमन; शुभ कार्य के लिए उत्तम।
⚠️ दुर्मुहूर्त व चेतावनी
| दुर्मुहूर्त | 08:29 – 09:23 |
|---|---|
| दुर्मुहूर्त | 13:00 – 13:55 |
| वर्ज्य काल | 07:31 – 09:18 इस अवधि में शुभ कार्य वर्जित |
| भद्रा | है — वास स्वर्ग भद्रा स्वर्ग में — प्रभाव नगण्य, अधिकांश कार्य किए जा सकते हैं। |
| पंचक | है — चोर पंचक लकड़ी/ईंधन संग्रह, दक्षिण-यात्रा, छत-ढलाई व शव-दाह वर्जित |
| गंडमूल | है |
| दिशाशूल | पश्चिम दिशा में यात्रा वर्जित |
⭐ नक्षत्र व तिथि विवरण
| नक्षत्र स्वामी | बुध |
|---|---|
| देवता | पूषा |
| गण / नाड़ी | देव / अंत्य |
| योनि | गज |
| तिथि प्रकार | भद्रा |
| चंद्र राशि | मीन |
📋 कार्य मुहूर्त — आज कौन-सा कार्य शुभ
विवाहमध्यम — सावधानी
गृह प्रवेशमध्यम — सावधानी
यात्रामध्यम — सावधानी
वाहन क्रयमध्यम — सावधानी
व्यापार आरंभमध्यम — सावधानी
भूमि/निर्माणअशुभ
नामकरण/मुंडनमध्यम — सावधानी
शिक्षा आरंभमध्यम — सावधानी
● शुभ ● मध्यम ● अशुभ
🕐 होरा (प्रत्येक होरा का स्वामी)
दिन · शुक्र होरा05:46 – 06:54
दिन · बुध होरा06:54 – 08:02
दिन · चंद्र होरा08:02 – 09:10
दिन · शनि होरा09:10 – 10:17
दिन · गुरु होरा10:17 – 11:25
दिन · मंगल होरा11:25 – 12:33
दिन · सूर्य होरा12:33 – 13:41
दिन · शुक्र होरा13:41 – 14:49
दिन · बुध होरा14:49 – 15:57
दिन · चंद्र होरा15:57 – 17:04
दिन · शनि होरा17:04 – 18:12
दिन · गुरु होरा18:12 – 19:20
रात · मंगल होरा19:20 – 20:12
रात · सूर्य होरा20:12 – 21:05
रात · शुक्र होरा21:05 – 21:57
रात · बुध होरा21:57 – 22:49
रात · चंद्र होरा22:49 – 23:41
रात · शनि होरा23:41 – 00:33
रात · गुरु होरा00:33 – 01:26
रात · मंगल होरा01:26 – 02:18
रात · सूर्य होरा02:18 – 03:10
रात · शुक्र होरा03:10 – 04:02
रात · बुध होरा04:02 – 04:54
रात · चंद्र होरा04:54 – 05:47
स्थान के सूर्योदय अनुसार गणना · आने वाले त्योहार देखें →