⚙️ पंचांग सेटिंग्स
बुधवार
तृतीया · कृष्ण पक्ष
माह: वैशाख
वि.सं. 2082
सूर्य राशि: मेष
उत्तरायण
वसन्त
✨ पंचांग
| तिथि | तृतीया (कृष्ण पक्ष) तक 13:20 |
|---|---|
| नक्षत्र | अनुराधा (पाद 1) तक 05:56 (अगले दिन) |
| योग | व्यतीपात तक 00:17 (अगले दिन) |
| करण | विष्टि तक 13:20 |
☀️ सूर्य
| सूर्योदय | 06:03 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:51 |
| मध्याह्न | 12:27 |
| दिन/रात मान | 12h 49m / 11h 11m |
🌖 चंद्र
| चंद्र राशि | वृश्चिक → धनु (18-04-2025 08:21) |
|---|---|
| चंद्रोदय | 22:02 |
| चंद्रास्त | 08:24 |
| चंद्र-कला | 🌖 92% कृष्ण गिब्बस |
🕐 मुहूर्त और काल
| अभिजित मुहूर्त | 12:01 – 12:53 |
|---|---|
| राहु काल | 12:27 – 14:03 |
| गुलिक काल | 10:51 – 12:27 |
| यमगण्ड | 07:39 – 09:15 |
🪔 दिन का चौघड़िया
लाभ06:03 – 07:39
अमृत07:39 – 09:15
काल09:15 – 10:51
शुभ10:51 – 12:27
रोग12:27 – 14:03
उद्वेग14:03 – 15:39
चर15:39 – 17:15
लाभ17:15 – 18:51
● शुभ ● अशुभ
🪔 रात का चौघड़िया
उद्वेग18:51 – 20:15
चर20:15 – 21:39
लाभ21:39 – 23:03
अमृत23:03 – 00:27
काल00:27 – 01:50
शुभ01:50 – 03:14
रोग03:14 – 04:38
उद्वेग04:38 – 06:02
● शुभ ● अशुभ
🌟 शुभ मुहूर्त
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:27 – 05:15 |
|---|---|
| प्रातः संध्या | 05:27 – 06:15 |
| अभिजित मुहूर्त | 12:01 – 12:53 |
| विजय मुहूर्त | 14:35 – 15:26 |
| गोधूलि मुहूर्त | 18:27 – 19:15 |
| निशीथ मुहूर्त | 00:03 – 00:51 |
✦ योग (शुभ-अशुभ)
सर्वार्थ सिद्धि योग
सभी कार्यों में सिद्धि देने वाला — शुभ कार्य, खरीद व नवीन आरंभ हेतु उत्तम।
सभी कार्यों में सिद्धि देने वाला — शुभ कार्य, खरीद व नवीन आरंभ हेतु उत्तम।
अमृत सिद्धि योग
अमृत तुल्य शुभ — मांगलिक कार्य सफल (कुछ कार्य तिथि-दोष होने पर वर्जित)।
अमृत तुल्य शुभ — मांगलिक कार्य सफल (कुछ कार्य तिथि-दोष होने पर वर्जित)।
दग्ध योग
अशुभ — शुभ व मांगलिक कार्य, यात्रा तथा नवीन आरंभ इस दिन वर्जित।
अशुभ — शुभ व मांगलिक कार्य, यात्रा तथा नवीन आरंभ इस दिन वर्जित।
⚠️ दुर्मुहूर्त व चेतावनी
| दुर्मुहूर्त | 11:10 – 12:01 |
|---|---|
| वर्ज्य काल | 07:38 – 09:25 इस अवधि में शुभ कार्य वर्जित |
| भद्रा | है — वास मृत्युलोक (पृथ्वी) भद्रा पृथ्वी पर — शुभ/मांगलिक कार्य वर्जित; भद्रा-समाप्ति की प्रतीक्षा करें। |
| पंचक | नहीं है |
| गंडमूल | नहीं है |
| दिशाशूल | उत्तर दिशा में यात्रा वर्जित |
⭐ नक्षत्र व तिथि विवरण
| नक्षत्र स्वामी | शनि |
|---|---|
| देवता | मित्र |
| गण / नाड़ी | देव / मध्य |
| योनि | मृग |
| तिथि प्रकार | जया |
| चंद्र राशि | वृश्चिक |
📋 कार्य मुहूर्त — आज कौन-सा कार्य शुभ
विवाहमध्यम — सावधानी
गृह प्रवेशमध्यम — सावधानी
यात्रामध्यम — सावधानी
वाहन क्रयमध्यम — सावधानी
व्यापार आरंभमध्यम — सावधानी
भूमि/निर्माणअशुभ
नामकरण/मुंडनअशुभ
शिक्षा आरंभअशुभ
● शुभ ● मध्यम ● अशुभ
🕐 होरा (प्रत्येक होरा का स्वामी)
दिन · बुध होरा06:03 – 07:07
दिन · चंद्र होरा07:07 – 08:11
दिन · शनि होरा08:11 – 09:15
दिन · गुरु होरा09:15 – 10:19
दिन · मंगल होरा10:19 – 11:23
दिन · सूर्य होरा11:23 – 12:27
दिन · शुक्र होरा12:27 – 13:31
दिन · बुध होरा13:31 – 14:35
दिन · चंद्र होरा14:35 – 15:39
दिन · शनि होरा15:39 – 16:43
दिन · गुरु होरा16:43 – 17:47
दिन · मंगल होरा17:47 – 18:51
रात · सूर्य होरा18:51 – 19:47
रात · शुक्र होरा19:47 – 20:43
रात · बुध होरा20:43 – 21:39
रात · चंद्र होरा21:39 – 22:35
रात · शनि होरा22:35 – 23:31
रात · गुरु होरा23:31 – 00:27
रात · मंगल होरा00:27 – 01:22
रात · सूर्य होरा01:22 – 02:18
रात · शुक्र होरा02:18 – 03:14
रात · बुध होरा03:14 – 04:10
रात · चंद्र होरा04:10 – 05:06
रात · शनि होरा05:06 – 06:02
स्थान के सूर्योदय अनुसार गणना · आने वाले त्योहार देखें →