Salasar Ke Bala
सालासर के बाला
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✍️ रचयिता: मनोज
इस भजन के बारे में
यह भजन सालासर धाम के अधिष्ठाता श्री हनुमान जी को समर्पित है, जिन्हें भक्त प्रेम से 'बालाजी' कहकर पुकारते हैं। इस भजन का भावार्थ यह है कि हनुमान जी माँ अंजनी के लाडले हैं और सालासर में विराजमान होकर निरंतर प्रभु श्री राम के नाम का जाप करते हैं। भक्त अपनी व्यथा और प्रार्थना लेकर उनके द्वार पर आते हैं और विश्वास रखते हैं कि संकटमोचन उनकी लाज रखेंगे और उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करेंगे।
सालासर बालाजी का यह भजन भक्तों के मन में अटूट श्रद्धा जगाता है। भक्त इसे विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार के दिन गाते हैं, जब वे हनुमान जी की कृपा पाने के लिए उनके दर्शन करने जाते हैं। इस भजन को गाने से मन को शांति मिलती है और व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है। यह भजन हमें सिखाता है कि यदि हम सच्चे मन से बजरंग बली की शरण में जाएं, तो वे हमारे जीवन की नैया को पार लगाकर खुशियों से हमारा भंडार भर देते हैं।
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