Hanuman Ji

Mhara Chandpol Hanuman

म्हारा चांदपोल हनुमान

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म्हारा चांदपोल हनुमान, भगता को राखजे ध्यान ॥ टेक ॥ जयपुर शहर गुलाबी नगरी, भारत की सुन्दर नगरी ई में घणा देव स्थान, भगता को राखजे ध्यान ॥1॥ मन्दिर पूर्व दिशा में झांके, आवे दुनिया दर्शन थाके सामो उगतो सूरज भान, भगता को राखजे ध्यान ॥2॥ भेट चढ़ावे बर्फी दाना, थाका मुख में नागर पाना तू दिना को दया निधान, भगता को राखजे ध्यान ॥3॥ जयपुर चांदपोल में जाओ, बजरंग ने शीश निवाओ चढ़ाओ फूल पतासा पान, भगता को राखजे ध्यान ॥4॥ सांगो बाबो सांगानेर, शिला देवी छ आमेर ज्याने ल्यायो राजा मान, भगता को राखजे ध्यान ॥5॥ कहे भगवान सहाय सैलानी, थारी रखजे मेहरबानी भगत ने दे भगति वरदान, भगता को राखजे ध्यान ॥6॥

✍️ रचयिता: भगवान सहाय सैलानी

इस भजन के बारे में

यह भजन जयपुर के प्रसिद्ध 'चांदपोल हनुमान जी' को समर्पित है, जो अपने भक्तों के रक्षक और संकटमोचक माने जाते हैं। इस भजन में भक्त अपनी श्रद्धा प्रकट करते हुए हनुमान जी से प्रार्थना करता है कि वे सदैव अपने भक्तों का ध्यान रखें। इसमें जयपुर की सुंदरता और चांदपोल स्थित हनुमान जी के मंदिर की महिमा का वर्णन है, जहाँ भक्त अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं और बजरंगबली की कृपा प्राप्त करते हैं।

भक्त इस भजन को विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार के दिन हनुमान जी के दर्शन करते समय गाते हैं। इसे गाने से मन में शांति और साहस का संचार होता है। भजन में भगवान सहाय सैलानी जी ने हनुमान जी को दया का सागर बताया है और उनसे भक्ति का वरदान मांगा है। यह भजन हमें याद दिलाता है कि जब हम सच्चे मन से हनुमान जी की शरण में जाते हैं, तो वे हमारे सभी कष्टों को दूर कर जीवन में सुख और समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।

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