Hanuman Ji

Maya Bala Ki

माया बाला की

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यहीं चलाएँ · Play here
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बाला रे बाला रे बाला मेरे ओ बाला हो बाला। माँ अंजनी के लाला, तेरी माया निराली, बाला रे ॥ टेक ॥ रामचन्द्र के सारे काजा हो बाला। समुद्र ऊपर बाँधी पाजा हो बाला। माँ सीता का पता लगाया हो बाला। लखन के तुमने प्राण बचाये हो बाला, माँ अंजनी के लाला ॥1॥ सबकी तूं सुनता है बजरंग हो बाला। कलियुग में तेरी जय-जय होवे हो बाला। पलभर में विपदा सबकी हरता हो बाला। अटके काम भक्तों के करता हो बाला, माँ अंजनी के लाला ॥2॥ तेरी महिमा कहाँ तक वरणू हो बाला। अब मेरी अरदास सुनले हो बाला। 'मनोज' की पूरी करना दिल की आशा। दिन रात करूँ गुणगान तेरा मैं हो बाला, माँ अंजनी के लाला ॥3॥

✍️ रचयिता: मनोज

इस भजन के बारे में

यह सुंदर भजन संकटमोचन हनुमान जी को समर्पित है, जिन्हें माँ अंजनी के लाला के रूप में संबोधित किया गया है। इस भजन का भावार्थ यह है कि हनुमान जी की लीलाएँ अत्यंत अद्भुत और अलौकिक हैं। उन्होंने प्रभु श्री राम के कार्यों को सिद्ध करने के लिए समुद्र लांघा, माता सीता की खोज की और लक्ष्मण जी के प्राण बचाकर अपनी भक्ति का प्रमाण दिया। भक्त इस भजन के माध्यम से हनुमान जी की अपार शक्ति और उनके दयालु स्वभाव का गुणगान करते हैं।

कलियुग में हनुमान जी को जागृत देवता माना जाता है, जो अपने भक्तों की पुकार तुरंत सुनते हैं। भक्त इस भजन को विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार के दिन या किसी भी संकट के समय गाते हैं। इसे गाने से मन को शांति मिलती है और आत्मविश्वास बढ़ता है। यह भजन हमें याद दिलाता है कि यदि हम सच्चे मन से बजरंगबली को पुकारें, तो वे पल भर में हमारे सभी कष्टों को दूर कर देते हैं और हमारे अटके हुए कार्यों को पूर्ण कर देते हैं। यह भक्तिपूर्ण रचना हनुमान जी के प्रति अटूट श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक है।

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