Hanuman Ji

Mahima Salasar Baba Ki

महिमा सालासर बाबा की

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यहीं चलाएँ · Play here
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तेरे चरणों की छायां में वीर बजरंग मैं बस जाऊँ। आशा है 'मनोज' की तुझसे, तुझे छोड़ के मैं कहाँ जाऊँ॥ दोहा तेरी महिमा न वरणी जाये सालासर के बाबा। तेरे सांसों के तारों में राम का नाम गूँजे बाबा। तेरे तन के रोमों में राम का नाम झलके बाबा। तूं राम नाम का दीवाना... सालासर के बाबा॥ टेक॥ काज किये बड़े राम के तूने लखन के प्राण बचाये। पातालपुरी में जाकर बाला राम लखन को लाये। हो गया राम नाम मतवाला... सालासर के बाबा॥1॥

✍️ रचयिता: मनोज

इस भजन के बारे में

यह भजन सालासर हनुमान जी की महिमा और उनकी राम भक्ति को समर्पित है। इस भजन का मुख्य भाव यह है कि हनुमान जी का रोम-रोम प्रभु श्री राम के नाम में रंगा हुआ है। भक्त अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए कहता है कि सालासर वाले बाबा की महिमा का वर्णन करना असंभव है, क्योंकि वे स्वयं राम नाम के सबसे बड़े दीवाने हैं। भजन में हनुमान जी के उन महान कार्यों का स्मरण किया गया है, जैसे लक्ष्मण जी के प्राण बचाना और पाताल लोक से राम-लक्ष्मण को सुरक्षित वापस लाना। यह भजन हमें याद दिलाता है कि हनुमान जी की शरण में जाने से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। भक्त इस भजन को गाकर हनुमान जी के प्रति अपनी अटूट निष्ठा प्रकट करता है और उनसे जीवन भर उनके चरणों की छाया में रहने की प्रार्थना करता है। इसे मंगलवार या शनिवार के दिन हनुमान मंदिर में या घर पर पूजा के समय गाना बहुत शुभ माना जाता है। इस भजन को गाने से मन में शांति आती है, आत्मविश्वास बढ़ता है और संकटों से लड़ने की शक्ति मिलती है। यह भजन उन लोगों के लिए विशेष है जो अपने जीवन में राम भक्ति और हनुमान जी का आशीर्वाद पाना चाहते हैं।

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