Lyayo Lyayo Re Sanjeevan Booti
ल्यायो ल्यायो रे संजीवन बूँटी
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इस भजन के बारे में
यह भजन संकटमोचन हनुमान जी की अपार महिमा और उनके प्रभु श्री राम के प्रति अटूट समर्पण को समर्पित है। इसका भावार्थ उस प्रसंग पर आधारित है जब युद्ध के दौरान लक्ष्मण जी मूर्छित हो गए थे और हनुमान जी ने द्रोणागिरी पर्वत से संजीवनी बूटी लाकर उनके प्राणों की रक्षा की थी। यह भजन हमें याद दिलाता है कि हनुमान जी अपने स्वामी राम के कार्य को सिद्ध करने के लिए किसी भी कठिन चुनौती का सामना करने में सक्षम हैं।
भक्त इस भजन को विशेष रूप से हनुमान जयंती, मंगलवार या शनिवार के दिन गाते हैं। इसे गाने का मुख्य उद्देश्य मन के भय को दूर करना और हनुमान जी से अपने जीवन के संकटों को हरने की प्रार्थना करना है। जब भक्त इस भजन को गाते हैं, तो वे हनुमान जी की सेवा भावना से जुड़ जाते हैं और उनसे अपने जीवन के 'कारज' यानी कार्यों को सफल बनाने का आशीर्वाद मांगते हैं। यह भजन मन में साहस, भक्ति और प्रभु के प्रति पूर्ण विश्वास का संचार करता है।
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