Laga De Balaji Mhari Naiya Bedapar
लगा दे बालाजी म्हारी नैया बेड़ापार
Loading…
✍️ रचयिता: भगवान सहाय
इस भजन के बारे में
यह भजन संकटमोचन हनुमान जी (बालाजी) को समर्पित है। इसका भावार्थ यह है कि भक्त अपने जीवन की नैया को संसार रूपी सागर से पार लगाने के लिए हनुमान जी से प्रार्थना कर रहा है। जिस प्रकार आपने रावण के अहंकार को तोड़ा और लक्ष्मण जी के प्राणों की रक्षा के लिए पूरा पर्वत उठा लिया, उसी प्रकार आप मेरे जीवन के दुखों और बाधाओं को दूर करें। यह भजन हमें याद दिलाता है कि हनुमान जी अपने भक्तों के सभी संकट हरने में सक्षम हैं।
भक्त इस भजन को विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार के दिन गाते हैं। जब मन में घबराहट हो या जीवन में कोई बड़ी चुनौती सामने हो, तब इस भजन को गाने से मन में अटूट विश्वास और साहस का संचार होता है। यह भजन हनुमान जी की अपार शक्ति और उनकी करुणा का गुणगान करता है। इसे गाने से भक्त को यह अनुभव होता है कि स्वयं बजरंग बली उनकी रक्षा के लिए तत्पर हैं, जिससे मन को शांति और सुरक्षा का गहरा अनुभव प्राप्त होता है।
क्या ठीक नहीं है? चुनें — admin जल्दी सुधार देगा।