Balaji O Mhara Balaji
बालाजी ओ म्हारा बालाजी
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✍️ रचयिता: चैनसिंह
इस भजन के बारे में
यह सुंदर भजन संकटमोचन हनुमान जी को समर्पित है, जिन्हें राजस्थान और उत्तर भारत में प्रेम से 'बालाजी' कहा जाता है। इस भजन का भाव यह है कि भक्त अपने आराध्य पवनपुत्र हनुमान जी का स्मरण कर रहा है और उनकी महिमा का गुणगान कर रहा है। भक्त कहता है कि हे अंजनी पुत्र, आप प्रभु श्री राम के परम भक्त हैं और हम आपकी शरण में आए हैं। इस भजन में हनुमान जी के प्रति अटूट श्रद्धा व्यक्त की गई है, जहाँ भक्त उन्हें सिंदूर और चोला चढ़ाकर अपनी मनोकामनाएं पूर्ण करने की प्रार्थना करता है।
भक्त विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार के दिन इस भजन को गाते हैं, क्योंकि ये दिन हनुमान जी की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माने जाते हैं। इस भजन को गाने से मन को शांति मिलती है और जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं। भक्त विश्वास के साथ हनुमान जी से भक्ति का वरदान मांगता है, ताकि वह भी प्रभु राम की सेवा में लीन रह सके। यह भजन किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत में या हनुमान जयंती जैसे विशेष अवसरों पर सामूहिक रूप से गाकर प्रभु की कृपा प्राप्त करने के लिए गाया जाता है।
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