Anjani Ko Lalo Bajrang Ram Bhakt Matwalo
अंजनी को लालो बजरंग राम भक्त मतवालो
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✍️ रचयिता: हेमराज सैनी हीरापुरा
इस भजन के बारे में
यह भजन संकटमोचन हनुमान जी की अपार भक्ति और उनके साहस को समर्पित है। इसका भावार्थ यह है कि जब लक्ष्मण जी मूर्छित हुए, तो हनुमान जी ने अपनी माता अंजनी के लाल बनकर प्रभु श्री राम के कार्य को अपना धर्म माना। द्रोणागिरि पर्वत से संजीवनी बूटी लाने के लिए उन्होंने पूरे पर्वत को ही उठा लिया, जो उनकी असीम शक्ति और प्रभु के प्रति उनके अटूट समर्पण को दर्शाता है। यह भजन हमें सिखाता है कि जब हम सच्चे मन से प्रभु की सेवा करते हैं, तो हनुमान जी स्वयं हमारे सभी संकटों को हर लेते हैं। भक्त इस भजन को विशेष रूप से मंगलवार और शनिवार के दिन हनुमान जी के समक्ष गाते हैं। इसे गाने से मन में साहस और आत्मविश्वास का संचार होता है। जब भी जीवन में कोई कठिन परिस्थिति आए या मन में घबराहट हो, तो इस भजन का गायन करने से हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और भक्त को मानसिक शांति मिलती है। यह भजन प्रभु राम के प्रति हनुमान जी की अनन्य निष्ठा और प्रेम का एक सुंदर चित्रण है, जो हर भक्त के हृदय में भक्ति का दीप जला देता है।
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