⚙️ पंचांग सेटिंग्स
गुरुवार
सप्तमी · कृष्ण पक्ष
माह: मार्गशीर्ष
वि.सं. 2071
सूर्य राशि: तुला
दक्षिणायन
शरद
✨ पंचांग
| तिथि | सप्तमी (कृष्ण पक्ष) तक 07:32 (अगले दिन) |
|---|---|
| नक्षत्र | पुष्य (पाद 2) तक 21:41 |
| योग | शुभ तक 08:30 |
| करण | विष्टि तक 18:21 |
☀️ सूर्य
| सूर्योदय | 06:45 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:37 |
| मध्याह्न | 12:11 |
| दिन/रात मान | 10h 53m / 13h 07m |
🌗 चंद्र
| चंद्र राशि | कर्क → सिंह (15-11-2014 00:36) |
|---|---|
| चंद्रोदय | 23:20 |
| चंद्रास्त | 12:33 |
| चंद्र-कला | 🌗 65% कृष्ण गिब्बस |
🕐 मुहूर्त और काल
| अभिजित मुहूर्त | 11:49 – 12:33 |
|---|---|
| राहु काल | 13:33 – 14:54 |
| गुलिक काल | 09:28 – 10:49 |
| यमगण्ड | 06:45 – 08:06 |
🪔 दिन का चौघड़िया
शुभ06:45 – 08:06
रोग08:06 – 09:28
उद्वेग09:28 – 10:49
चर10:49 – 12:11
लाभ12:11 – 13:33
अमृत13:33 – 14:54
काल14:54 – 16:16
शुभ16:16 – 17:37
● शुभ ● अशुभ
🪔 रात का चौघड़िया
अमृत17:37 – 19:16
काल19:16 – 20:54
शुभ20:54 – 22:33
रोग22:33 – 00:11
उद्वेग00:11 – 01:50
चर01:50 – 03:28
लाभ03:28 – 05:07
अमृत05:07 – 06:45
● शुभ ● अशुभ
🌟 शुभ मुहूर्त
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:09 – 05:57 |
|---|---|
| प्रातः संध्या | 06:09 – 06:57 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:49 – 12:33 |
| विजय मुहूर्त | 14:00 – 14:43 |
| गोधूलि मुहूर्त | 17:13 – 18:01 |
| निशीथ मुहूर्त | 23:47 – 00:35 |
✦ योग (शुभ-अशुभ)
सर्वार्थ सिद्धि योग
सभी कार्यों में सिद्धि देने वाला — शुभ कार्य, खरीद व नवीन आरंभ हेतु उत्तम।
सभी कार्यों में सिद्धि देने वाला — शुभ कार्य, खरीद व नवीन आरंभ हेतु उत्तम।
अमृत सिद्धि योग
अमृत तुल्य शुभ — मांगलिक कार्य सफल (कुछ कार्य तिथि-दोष होने पर वर्जित)।
अमृत तुल्य शुभ — मांगलिक कार्य सफल (कुछ कार्य तिथि-दोष होने पर वर्जित)।
गुरु पुष्य योग
शिक्षा, धन व शुभ कार्य आरंभ के लिए श्रेष्ठ।
शिक्षा, धन व शुभ कार्य आरंभ के लिए श्रेष्ठ।
रवि योग
अत्यंत शुभ — अधिकांश दोषों का शमन; शुभ कार्य के लिए उत्तम।
अत्यंत शुभ — अधिकांश दोषों का शमन; शुभ कार्य के लिए उत्तम।
⚠️ दुर्मुहूर्त व चेतावनी
| दुर्मुहूर्त | 10:22 – 11:06 |
|---|---|
| दुर्मुहूर्त | 14:43 – 15:27 |
| वर्ज्य काल | 03:57 – 05:43 इस अवधि में शुभ कार्य वर्जित |
| भद्रा | है — वास स्वर्ग भद्रा स्वर्ग में — प्रभाव नगण्य, अधिकांश कार्य किए जा सकते हैं। |
| पंचक | नहीं है |
| गंडमूल | नहीं है |
| दिशाशूल | दक्षिण दिशा में यात्रा वर्जित |
⭐ नक्षत्र व तिथि विवरण
| नक्षत्र स्वामी | शनि |
|---|---|
| देवता | बृहस्पति |
| गण / नाड़ी | देव / मध्य |
| योनि | मेष |
| तिथि प्रकार | भद्रा |
| चंद्र राशि | कर्क |
📋 कार्य मुहूर्त — आज कौन-सा कार्य शुभ
विवाहअशुभ
गृह प्रवेशअशुभ
यात्रामध्यम — सावधानी
वाहन क्रयमध्यम — सावधानी
व्यापार आरंभमध्यम — सावधानी
भूमि/निर्माणअशुभ
नामकरण/मुंडनमध्यम — सावधानी
शिक्षा आरंभमध्यम — सावधानी
● शुभ ● मध्यम ● अशुभ
🕐 होरा (प्रत्येक होरा का स्वामी)
दिन · गुरु होरा06:45 – 07:39
दिन · मंगल होरा07:39 – 08:33
दिन · सूर्य होरा08:33 – 09:28
दिन · शुक्र होरा09:28 – 10:22
दिन · बुध होरा10:22 – 11:17
दिन · चंद्र होरा11:17 – 12:11
दिन · शनि होरा12:11 – 13:05
दिन · गुरु होरा13:05 – 14:00
दिन · मंगल होरा14:00 – 14:54
दिन · सूर्य होरा14:54 – 15:48
दिन · शुक्र होरा15:48 – 16:43
दिन · बुध होरा16:43 – 17:37
रात · चंद्र होरा17:37 – 18:43
रात · शनि होरा18:43 – 19:49
रात · गुरु होरा19:49 – 20:54
रात · मंगल होरा20:54 – 22:00
रात · सूर्य होरा22:00 – 23:06
रात · शुक्र होरा23:06 – 00:11
रात · बुध होरा00:11 – 01:17
रात · चंद्र होरा01:17 – 02:23
रात · शनि होरा02:23 – 03:28
रात · गुरु होरा03:28 – 04:34
रात · मंगल होरा04:34 – 05:40
रात · सूर्य होरा05:40 – 06:45
स्थान के सूर्योदय अनुसार गणना · आने वाले त्योहार देखें →