⚙️ पंचांग सेटिंग्स
गुरुवार
सप्तमी · कृष्ण पक्ष
माह: कार्तिक
वि.सं. 2034
सूर्य राशि: तुला
दक्षिणायन
शरद
✨ पंचांग
| तिथि | सप्तमी (कृष्ण पक्ष) तक 20:39 |
|---|---|
| नक्षत्र | पुष्य (पाद 1) तक 06:43 (अगले दिन) |
| योग | साध्य तक 10:07 |
| करण | विष्टि तक 07:41 |
☀️ सूर्य
| सूर्योदय | 06:38 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:43 |
| मध्याह्न | 12:10 |
| दिन/रात मान | 11h 05m / 12h 55m |
🌙 चंद्र
| चंद्र राशि | कर्क |
|---|
🕐 मुहूर्त और काल
| अभिजित मुहूर्त | 11:48 – 12:32 |
|---|---|
| राहु काल | 13:33 – 14:57 |
| गुलिक काल | 09:24 – 10:47 |
| यमगण्ड | 06:38 – 08:01 |
🪔 दिन का चौघड़िया
शुभ06:38 – 08:01
रोग08:01 – 09:24
उद्वेग09:24 – 10:47
चर10:47 – 12:10
लाभ12:10 – 13:33
अमृत13:33 – 14:57
काल14:57 – 16:20
शुभ16:20 – 17:43
● शुभ ● अशुभ
🪔 रात का चौघड़िया
अमृत17:43 – 19:20
काल19:20 – 20:57
शुभ20:57 – 22:34
रोग22:34 – 00:11
उद्वेग00:11 – 01:48
चर01:48 – 03:24
लाभ03:24 – 05:01
अमृत05:01 – 06:38
● शुभ ● अशुभ
🌟 शुभ मुहूर्त
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:02 – 05:50 |
|---|---|
| प्रातः संध्या | 06:02 – 06:50 |
| अभिजित मुहूर्त | 11:48 – 12:32 |
| विजय मुहूर्त | 14:01 – 14:46 |
| गोधूलि मुहूर्त | 17:19 – 18:07 |
| निशीथ मुहूर्त | 23:47 – 00:35 |
✦ योग (शुभ-अशुभ)
सर्वार्थ सिद्धि योग
सभी कार्यों में सिद्धि देने वाला — शुभ कार्य, खरीद व नवीन आरंभ हेतु उत्तम।
सभी कार्यों में सिद्धि देने वाला — शुभ कार्य, खरीद व नवीन आरंभ हेतु उत्तम।
अमृत सिद्धि योग
अमृत तुल्य शुभ — मांगलिक कार्य सफल (कुछ कार्य तिथि-दोष होने पर वर्जित)।
अमृत तुल्य शुभ — मांगलिक कार्य सफल (कुछ कार्य तिथि-दोष होने पर वर्जित)।
गुरु पुष्य योग
शिक्षा, धन व शुभ कार्य आरंभ के लिए श्रेष्ठ।
शिक्षा, धन व शुभ कार्य आरंभ के लिए श्रेष्ठ।
⚠️ दुर्मुहूर्त व चेतावनी
| दुर्मुहूर्त | 10:19 – 11:04 |
|---|---|
| दुर्मुहूर्त | 14:46 – 15:30 |
| भद्रा | है — वास स्वर्ग भद्रा स्वर्ग में — प्रभाव नगण्य, अधिकांश कार्य किए जा सकते हैं। |
| पंचक | नहीं है |
| गंडमूल | नहीं है |
| दिशाशूल | दक्षिण दिशा में यात्रा वर्जित |
⭐ नक्षत्र व तिथि विवरण
| नक्षत्र स्वामी | शनि |
|---|---|
| देवता | बृहस्पति |
| गण / नाड़ी | देव / मध्य |
| योनि | मेष |
| तिथि प्रकार | भद्रा |
| चंद्र राशि | कर्क |
📋 कार्य मुहूर्त — आज कौन-सा कार्य शुभ
विवाहअशुभ
गृह प्रवेशअशुभ
यात्रामध्यम — सावधानी
वाहन क्रयमध्यम — सावधानी
व्यापार आरंभमध्यम — सावधानी
भूमि/निर्माणअशुभ
नामकरण/मुंडनमध्यम — सावधानी
शिक्षा आरंभमध्यम — सावधानी
● शुभ ● मध्यम ● अशुभ
🕐 होरा (प्रत्येक होरा का स्वामी)
दिन · गुरु होरा06:38 – 07:33
दिन · मंगल होरा07:33 – 08:29
दिन · सूर्य होरा08:29 – 09:24
दिन · शुक्र होरा09:24 – 10:19
दिन · बुध होरा10:19 – 11:15
दिन · चंद्र होरा11:15 – 12:10
दिन · शनि होरा12:10 – 13:06
दिन · गुरु होरा13:06 – 14:01
दिन · मंगल होरा14:01 – 14:57
दिन · सूर्य होरा14:57 – 15:52
दिन · शुक्र होरा15:52 – 16:48
दिन · बुध होरा16:48 – 17:43
रात · चंद्र होरा17:43 – 18:48
रात · शनि होरा18:48 – 19:52
रात · गुरु होरा19:52 – 20:57
रात · मंगल होरा20:57 – 22:01
रात · सूर्य होरा22:01 – 23:06
रात · शुक्र होरा23:06 – 00:11
रात · बुध होरा00:11 – 01:15
रात · चंद्र होरा01:15 – 02:20
रात · शनि होरा02:20 – 03:24
रात · गुरु होरा03:24 – 04:29
रात · मंगल होरा04:29 – 05:34
रात · सूर्य होरा05:34 – 06:38
स्थान के सूर्योदय अनुसार गणना · आने वाले त्योहार देखें →