Shankar Jatadhari, Parvatan Laage Pyari
शंकर जटाधारी, पार्वतां लागे प्यारी।
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शंकर जटाधारी, पार्वतां लागे प्यारी।
डम डमाडम डमरु बाजे, शंकर जटाधारी ।।
कांही जीमे कानजी रे, कांही राधा रानी।
कांही जीमे भोळो बाबो, शंकर जटाधारी ।।
शंकर जटाधारी, पार्वतां लागे प्यारी।
डम डमाडम डमरु बाजे, शंकर जटाधारी ।।
माखण जीमे कानजी रे, मिसरी राधा रानी।
भांग अरोगे म्हारो, शंकर जटाधारी ।।
शंकर जटाधारी, पार्वतां लागे प्यारी।
डम डमाडम डमरु बाजे, शंकर जटाधारी ।।
कठे रेहवे कानजी रे, कठे राधा रानी।
कठे रेहवे ओ म्हारो, शंकर जटाधारी ।।
शंकर जटाधारी, पार्वतां लागे प्यारी।
डम डमाडम डमरु बाजे, शंकर जटाधारी ।।
गोकुल रेहवे कानजी रे, वन में राधा रानी।
पहाड़ां मांही रेहवे बाबो, शंकर जटाधारी ।।
शंकर जटाधारी, पार्वतां लागे प्यारी।
डम डमाडम डमरु बाजे, शंकर जटाधारी ।।
बागो पेहरे कानजी रे, साड़ी राधा रानी।
बाघम्बर पेहरे म्हारो, शंकर जटाधारी ।।
शंकर जटाधारी, पार्वतां लागे प्यारी।
डम डमाडम डमरु बाजे, शंकर जटाधारी ।।